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सीडीएस परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट बने रजत का पैतृक गांव पीरन पहुंचने पर भव्य स्वागत

रजत वर्मा जुन्गा क्षेत्र के पहले सेना अधिकारी बने हैं, जिससे पूरे इलाके का नाम रोशन हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रजत की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। सेना से आदेश प्राप्त होने के बाद रजत को ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

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शिमला : संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने रजत वर्मा पहली बार अपने पैतृक गांव पीरन पहुंचे। गांव पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने फूलमालाएं पहनाकर और नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रजत की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

इस अवसर पर रजत के पिता खजान सिंह वर्मा और माता शकुंतला वर्मा भावुक नजर आए। बेटे की सफलता पर दोनों अपनी खुशी के आंसू नहीं रोक पाए। रजत वर्मा ने पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण की है और ऑल इंडिया स्तर पर 43वां रैंक हासिल किया है। अब वे भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं आरंभ करेंगे।

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रजत वर्मा जुन्गा क्षेत्र के पहले सेना अधिकारी बने हैं, जिससे पूरे इलाके का नाम रोशन हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रजत की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। सेना से आदेश प्राप्त होने के बाद रजत को ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि रजत वर्मा का जन्म वर्ष 2002 में मशोबरा ब्लॉक के अंतिम छोर गांव पीरन में हुआ। उनके पिता खजान सिंह वर्मा शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं, जबकि माता शकुंतला वर्मा गृहिणी हैं। रजत ने नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने डिग्री कॉलेज सोलन से बीए (अर्थशास्त्र) की पढ़ाई पूरी की।

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रजत ने बताया कि उन्हें स्कूल समय से ही वर्दी पहनने का जुनून था। कॉलेज के दौरान वे एनसीसी में अंडर ऑफिसर के रूप में सक्रिय रहे, जिसके चलते उन्हें दो बार दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ ताया मोहन वर्मा, बुआ शिक्षा ठाकुर और दोस्तों को दिया।

युवाओं को संदेश देते हुए रजत वर्मा ने कहा कि नशे जैसी कुसंगतियों से दूर रहकर अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करें और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ें, सफलता अवश्य मिलेगी।

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