शिमला : रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के शिमला स्थित कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में विस्थापितों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई मुद्दों पर सहमति भी बनी।
एचपीपीसीएल के डायरेक्टर पर्सनल नरेश ठाकुर के साथ हुई पदाधिकारियों की बैठक के दौरान समिति ने स्पष्ट किया कि हाउसलेस श्रेणी के लिए मांगा जा रहा हलफनामा किसी भी विस्थापित द्वारा नहीं दिया जाएगा। इस पर एचपीपीसीएल ने समिति की इस मांग को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही इस संबंध में विस्थापितों को औपचारिक जानकारी देने की बात कही है।
इसके अलावा, अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि लैंडलेस श्रेणी के 130 परिवारों की सूची 15 दिन के भीतर समिति को उपलब्ध करवा दी जाएगी। मुआवजे को लेकर भी बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन विस्थापितों के मकान पहले ही बन चुके हैं, उन्हें एकमुश्त भुगतान किया जाएगा, जबकि जिनके मकान निर्माणाधीन हैं या बनने बाकी हैं, उन्हें दो किस्तों में राशि दी जाएगी।
बैठक में विस्थापितों को दिखाई गई जमीन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि इस जमीन का एक बार फिर से विस्थापितों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा, ताकि सभी पक्ष संतुष्ट हो सकें। यह बैठक समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर के नेतृत्व में संपन्न हुई। यह जानकारी समिति के प्रेस सचिव योगी ठाकुर ने दी।
