होमHimachalKulluसरकारी योजना से बदली तस्वीर, ई-रिक्शा को बनाया आमदनी का नया जरिया

सरकारी योजना से बदली तस्वीर, ई-रिक्शा को बनाया आमदनी का नया जरिया

जिला कुल्लू में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के बाद अब ई-रिक्शा भी लोगों के लिए रोजगार का नया माध्यम बनकर उभर रहा है। कुल्लू के रघुनाथपुर निवासी सुरिंदर वर्मा ने जिले का पहला ई-रिक्शा अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि अपनी आमदनी में भी वृद्धि की है।

कुल्लू : जिला कुल्लू में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के बाद अब ई-रिक्शा भी लोगों के लिए रोजगार का नया माध्यम बनकर उभर रहा है। कुल्लू के रघुनाथपुर निवासी सुरिंदर वर्मा ने जिले का पहला ई-रिक्शा अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि अपनी आमदनी में भी वृद्धि की है।

सुरिंदर वर्मा ने बताया कि वे पहले पेट्रोल से चलने वाला ऑटो चलाते थे, जिसमें ईंधन का खर्च काफी अधिक था। ई-रिक्शा अपनाने के बाद उनका खर्च काफी कम हो गया है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार की “राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना” की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी है। ई-रिक्शा में बिजली का खर्च कम आता है, संचालन आसान है और यह पूर्णतः प्रदूषण मुक्त है, जिससे पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है। उन्होंने बताया कि सरकार की इस योजना से प्रेरित होकर ही उन्होंने यह कदम उठाया और अब वे अन्य लोगों को भी ई-रिक्शा अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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जिला में ई-वाहनों के बढ़ते उपयोग के बाद अब ई-रिक्शा के रूप में एक नया विकल्प सामने आया है, जिससे जहां लोगों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं स्वच्छ और हरित पर्यावरण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा “राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना” के अंतर्गत युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने एवं हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत ई-टैक्सी के साथ-साथ अब ई-रिक्शा खरीदने पर भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई इस योजना के तहत युवाओं को ई-टैक्सी (E-Taxi) खरीदने हेतु 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चालू वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए भी 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। साथ ही, ई-टैक्सी लाभार्थियों को मिलने वाले मासिक भुगतान में 5,000 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे उनकी आय में और अधिक सुधार सुनिश्चित हो सके।

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इसके अतिरिक्त सरकार ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2026–27 में 500 युवाओं को ई-रिक्शा (E-Ricksha) खरीदने के लिए 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी प्रदान करने की घोषणा की है। यह सब्सिडी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। यह योजना न केवल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, बल्कि प्रदेश में स्वच्छ, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रही है।

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Aapki Baat News Desk
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