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CM सुक्खू के सख्त निर्देश: तीन माह में पूरे हों ग्रामीण विकास के सभी लंबित काम

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्रमुखता प्रदान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे चहुंमुखी विकास से राज्य के सतत और समावेशी विकास को आंका जा सकता है।

शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत विभिन्न क्षेत्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागों को निर्देश दिए कि सभी लंबित विकास कार्यों को अगले तीन महीनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्रमुखता प्रदान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे चहुंमुखी विकास से राज्य के सतत और समावेशी विकास को आंका जा सकता है।

बैठक के दौरान कई क्षेत्रीय कार्यों में धनराशि की स्वीकृति के उपरांत भी परियोजना के शुरू होने में विलंब अथवा इनकी धीमी गति पर समीक्षा की गई। इनमें पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना, एमपीएलएडी, विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना, लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना और अन्य विधायक-वित्तपोषित योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई छोटे लेकिन आवश्यक कार्य जैसे हैंडपंपों की स्थापना, पैदल रास्तों, नालियों, सामुदायिक भवनों, रिटेनिंग वॉल, फुट ब्रिज, सिंचाई नहरों, चारदीवारी और गांव की सड़कों आदि निर्माण से संबंधित कार्य लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विकेन्द्रित और आवश्यकता आधारित कार्य सीधे स्थानीय लोगों से जुड़े हुए होते हैं और ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए प्रणालीगत असंतुलनों में सुधार करना और ग्रामीण विकास प्रणाली को पुनःस्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई छोटेे कार्य लंबे समय तक लंबित रहते हैं, जबकि उनके लिए धनराशि पहले ही संबंधित विभागों को जारी की जा चुकी है।

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विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 11,064 क्षेत्रीय कार्य, जिनकी लागत 204 करोड़ रुपये थी, शुरू ही नहीं किए गए थे, जबकि 348 करोड़ रुपये की लागत के 16,834 कार्य लंबे समय से निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने उपायुक्तों और फील्ड अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने और समयबद्ध ढंग से विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे तथा इसकी रिपोर्ट सीधे उनके कार्यालय को देने के भी निर्देश थे।

उन्होंने कहा कि सघन निगरानी और अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देशों की परिणामस्वरूप अक्तूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच 18,262 कार्य एवं छोटी योजनाएं पूर्ण की गईं, जिससे ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों की प्रगति की निगरानी उच्चतम स्तर पर ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ के माध्यम से की जा रही है। फील्ड अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निरंतर ट्रैकिंग और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी, आवश्यकता-आधारित और न्यायसंगत विकास को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है, ताकि सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से विकास सुनिश्चित किया जा सके। जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, खंड विकास कार्यालय और पंचायतों सहित विभागों व स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि जो स्वीकृत कार्य रुके हुए हैं अथवा जिन कार्यों की प्रगति बहुत धीमी है उन्हें तेज़ी से पूरा किया जाए।

सचिव योजना डॉ. अभिषेक जैन ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 11,064 कार्य शुरू नहीं हुए थे, जिनमें से 177 करोड़ रुपये के 9,689 कार्य अक्तूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच तीन महीनों के भीतर पूरे कर दिए गए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निर्माणाधीन 16,384 कार्यों में से 8,573 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, इनकी लागत 159 करोड़ रुपये थी। शेष कार्यों को मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अगले तीन महीनों में पूरा किए जाने की उम्मीद है।

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उन्होंने कहा कि जमीनी सत्यापन और तेज निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए चंबा, कुल्लू और बिलासपुर सहित विभिन्न जिलों में फील्ड विजिट और समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं। लंबे समय से लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्र भी संबंधित एजेंसियों से प्राप्त कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत सरकार लंबित विकास कार्यों को तेज़ी से पूरा करने, कड़े निगरानी तंत्र और सार्वजनिक धन का सर्वाेत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विकास का लाभ हर गांव और समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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