नाहन : कथित वोट चोरी, मतदाता सूचियों में हेरफेर और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रियाओं से खिलवाड़ के आरोपों को लेकर जिला सिरमौर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को नाहन में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ सोमवार को धरना प्रदर्शन किया।
देशव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। विरोध प्रदर्शन में नाहन और आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए हुंकार भरी।
प्रदर्शन के बाद जिला सिरमौर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद परमार और नाहन के विधायक अजय सोलंकी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश सिरमौर से मुलाकात की, जहां महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से सिरमौर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित करने और उन पर संवैधानिक व लोकतांत्रिक प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र, निष्पक्ष और स्वायत्त संवैधानिक संस्था के भीतर पारदर्शिता को ताक पर रखकर एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा बिना सर्वसम्मति के लिए जा रहे फैसलों से पूरे देश की चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
ज्ञापन में ध्यान दिलाया गया कि हाल के दिनों में चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से हजारों नाम जोड़ने और बाद में हटाने जैसी अनियमितताओं के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। इस प्रकार की कार्यप्रणाली से देश की 140 करोड़ जनता का संवैधानिक संस्थाओं और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया से विश्वास उठ रहा है।
विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय चुनाव आयोग एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है, जिसका प्राथमिक दायित्व देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है। मगर मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अन्य चुनाव आयुक्तों के बहुमत, असहमति और आपत्तियों को दरकिनार कर मनमाने फैसले लागू किए जा रहे हैं, जो संविधान की मर्यादा को तार-तार करता है।
कहा, लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि महामहिम राष्ट्रपति तुरंत हस्तक्षेप करें, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से बर्खास्त किया जाए और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय संवैधानिक जांच के आदेश दें।
सिरमौर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली के लिए त्वरित कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को ब्लॉक और पंचायत स्तर तक और अधिक तेज किया जाएगा। इस मौके पर कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
