नाहन : सिरमौर की सड़क कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला खजुरना का बो-स्ट्रिंग ब्रिज अब लोगों के लिए समर्पित हो गया है। देहरादून-पांवटा साहिब-कालाअंब-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-07 पर मारकंडा नदी पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल से न केवल वाहनों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस पुल का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को वर्चुअल माध्यम से करना था, लेकिन तकनीकी खामी के कारण वे कार्यक्रम से नहीं जुड़ पाए। लिहाजा, कार्यक्रम में मौजूद लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने पुल का विधिवत लोकार्पण किया।
मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के अधिकारियों के अनुसार 180 मीटर लंबा यह बो-स्ट्रिंग ब्रिज भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वर्तमान में यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को सुगम बनाएगा, जबकि भविष्य में प्रस्तावित फोरलेन परियोजना की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना भी बनेगा।
यह पुल विशेष रूप से पांवटा साहिब, कालाअंब और आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी अहम साबित होगा। बड़ी बात ये है कि इस पुल के शुरू होने से वाहन चालकों को हाईवे पर लगभग 400 मीटर की घुमावदार दूरी से राहत मिल गई है। इस नए पुल ने दशकों पुराने आर्ट ब्रिज की जगह ली है, जिस पर सफर मौजूदा समय में काफी जोखिम और चुनौती भरा हो चुका था। पुराना आर्ट ब्रिज जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
इसे ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने मारंकडा नदी पर आधुनिक तकनीक का बो-स्ट्रिंग ब्रिज तैयार किया, जो न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले एक साल से इस पुल का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया गया, जिस पर बुधवार को वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर देहरादून से पांवटा साहिब तक उत्तराखंड क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। वहीं, कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में हरियाणा सीमा तक भी फोरलेन परियोजना पूरी हो चुकी है। हालांकि, पांवटा साहिब से कालाअंब तक हिमाचल प्रदेश के हिस्से में फोरलेन निर्माण कार्य अभी शेष है। इसी हाईवे पर निर्मित बो स्ट्रिंग ब्रिज का लोकार्पण कर लिया गया है।
यह पुल भविष्य में प्रस्तावित फोरलेन परियोजना के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगा। साथ ही वर्तमान में भी यह राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को बेहतर बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
पर्यटन की दृष्टि से भी इस पुल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह पुल सिरमौर की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ विकास की रफ्तार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर जिला सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, नेशनल हाईवे नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा, पांवटा साहिब के अधिशासी अभियंता सूर्यकांत सेवल, धौलाकुआं नेशनल हाईवे मंडल के सहायक अभियंता एसएस पुंडीर, जेई रामलाल शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।