नाहन : रियासतकाल से चली आ रही नाहन की भगवान वामन द्वादशी मेले की परंपरा इस बार नए स्वरूप में नजर आएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को देखते हुए पहली बार ऐतिहासिक मेला पक्का तालाब के बजाय चौगान मैदान में आयोजित किया जाएगा। 18 से 27 सितंबर तक होने वाले मेले का शुभारंभ नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी करेंगे।
इसे लेकर श्री ठाकुरद्वारा रघुनाथ जी ट्रस्ट नाहन की बैठक अध्यक्ष महिपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ट्रस्ट के सचिव नितिन बैरागी सहित धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में चौगान मैदान में मेले के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नाहन नगर परिषद से चौगान मैदान में आयोजन की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
जगह बदलेगी, परंपरा नहीं
मेले का स्थान बदलने के बावजूद भगवान वामन द्वादशी से जुड़ी धार्मिक परंपराएं पूर्ववत रहेंगी। भगवान की पालकियों का भ्रमण और पालकी तैराने की सदियों पुरानी परंपरा निर्धारित विधि-विधान के अनुसार ही निभाई जाएगी। चौगान मैदान में मेले की व्यावसायिक गतिविधियों के साथ पालकियों के विश्राम और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
जाम की समस्या से मिलेगी राहत
अब तक पक्का तालाब और मुख्य सड़क के आसपास मेला लगने के कारण भारी भीड़ से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती रही है। जाम के कारण मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती थी। इसके अलावा शिमला, चंडीगढ़ और देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों पर भी इसका असर पड़ता था। चौगान मैदान में मेला आयोजित होने से यातायात व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी।
मेले का दर्जा बढ़ाने की मांग
बैठक में भगवान वामन द्वादशी के इस रियासतकालीन मेले को पहले जिला स्तरीय और इसके बाद राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग सरकार के समक्ष उठाने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में नवयुवक मंडल रानीताल अध्यक्ष राहुल संत, भगत राम पुंडीर, सनातन वेलफेयर सोसाइटी प्रमुख महेश गुप्ता, सचिव अमित गौतम, राजीव शर्मा, इंदर राज परमार और उमेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
