नाहन : बचत भवन में राजस्व, उद्यान, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को जिला सिरमौर में वन अधिकार अधिनियम, राजस्व मामलों और आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और आपदा प्रभावितों को राहत वितरण की प्रगति पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर आयोजित बैठक में मंत्री ने उप मंडलीय स्तरीय समिति और वन अधिकार समितियों की कार्यप्रणाली, भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की। उन्होंने समितियों को सक्रिय होकर पात्र समुदायों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिला स्तरीय समिति ने शिलाई उपमंडल के 29 मामलों को योग्य पाया है।
राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने और कार्य में आ रही समस्याओं का समाधान करने को कहा। बैठक में अवगत करवाया गया कि जिले में अब तक विभाजन के 96, सीमांकन के 447, राजस्व प्रविष्टियों के सुधार के 123, अतिक्रमण के 20 और इंतकाल के 11 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
विशेष राजस्व लोक अदालतों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब तक 946 मामलों का निपटारा हुआ है। गत माह उत्परिवर्तन के 252 और अब तक इंतकाल के 694 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त विशेष लोक अदालत में विभाजन के 57 और राजस्व प्रविष्टियों के सुधार के 96 मामलों का निपटारा किया गया।
आपदा समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 की आपदा से प्रभावित 1522 पात्र परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत लाभ दिया गया। पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, गौशालाओं, फसल और दुकानों को हुए नुकसान के लिए 11.9 करोड़ रुपए की राहत राशि प्रदान की गई। वहीं विशेष राहत पैकेज 2025 के तहत 511 प्रभावितों को 4.41 करोड़ रुपए की राहत राशि दी गई है।
बैठक में विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल आर वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



