राजगढ़ : हिमाचल के सिरमौर जिले की माटल बखोग पंचायत ने आपसी प्रेम की एक ऐसी इबारत लिखी है जिसने राजनीति को ‘लोकनीति’ में बदल दिया। राजगढ़ विकास खंड की इस पंचायत ने सर्वसम्मति से अपनी नई सरकार चुनकर यह साबित कर दिया कि जब इरादे विकास के हों, तो प्रतिद्वंद्विता की कोई जगह नहीं बचती।
जिला सिरमौर में निर्विरोध पंचायतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। वीरवार को माटल बखोग पंचायत सर्वसम्मति से निर्विरोध चुनी गई। इसके साथ ही यह पंचायत राजगढ़ ब्लॉक की पहली और पूरे सिरमौर जिला की छठी निर्विरोध पंचायत बन गई है।
माटल बखोग पंचायत के ग्रामीणों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए सभी पदों पर बिना मुकाबले चयन किया। पंचायत प्रधान पद के लिए निशा कुमारी, उपप्रधान पद के लिए प्रवीण कंवर और वार्ड सदस्य पदों के लिए शील ठाकुर, सुनीता, ज्योति, सोहन सिंह और कृष्णा देवी को निर्विरोध चुना गया।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत में राजनीतिक टकराव की बजाय सामूहिक विकास और सहयोग की भावना को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया। लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सहमति आधारित रूप दिया, जिससे चुनावी खर्च और प्रतिस्पर्धा से भी बचाव हुआ।
पूरी पंचायत के निर्विरोध चुने जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक एकता, आपसी विश्वास और विकास की सोच को मजबूत करने वाला कदम बताया है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी पहल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है, जहां राजनीति से ऊपर उठकर जनहित और सामूहिक विकास को प्राथमिकता दी जाए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला सिरमौर की टटियाना, दाड़ो देवरिया, शीना, शरली और द्राबिल पंचायतें भी निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं।
