धौलाकुआं : क्षेत्रीय बागवानी एवं अनुसंधान प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं (सिरमौर) में शुक्रवार को जिला सोलन के किसानों ने हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (द्वितीय चरण, जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी–आधिकारिक विकास सहायता) के तहत शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को फूल और फल फसलों की आधुनिक उत्पादन तकनीकों, अंतरवर्तीय खेती और मूल्य संवर्धन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।

इस मौके पर डॉ. प्रियंका ठाकुर (सह-निदेशक) ने किसानों को अनुसंधान केंद्र में विकसित नवीनतम तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने डहलिया प्रवर्धन तकनीक, गुलदाउदी में ऑफ-सीजन उत्पादन तकनीक, गेंदा एवं शीतकालीन वार्षिक पुष्पों में बीज उत्पादन तकनीक, आम, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, सिट्रस एवं ड्रैगन फ्रूट जैसी फल फसलों में शीतकालीन वार्षिक पुष्पों की अंतरवर्तीय खेती, पुष्प एवं फल फसलों में प्राकृतिक खेती और गेंदा, डहलिया आदि फूलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
किसानों ने ड्राई फ्लावर लैब का भी भ्रमण किया और सजावटी पौधों से तैयार किए जाने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डॉ. शिल्पा सहायक प्रोफेसर (फल विज्ञान) ने किसानों को फल नर्सरी एवं खैरी फार्म का भ्रमण करवाया। उन्होंने उपोष्ण कटिबंधीय फलों और उनकी प्रवर्धन एवं उत्पादन तकनीकों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान किसानों को नींबू, किन्नू, आम, लीची एवं ड्रैगन फ्रूट जैसी विभिन्न फल फसलों की उन्नत खेती पद्धतियों से परिचित कराया गया। इस अवसर पर डॉ. सिमरन कश्यप (यंग प्रोफेशनल-II) एवं राकेश चौधरी (टेक्निकल ग्रेड-1) भी उपस्थित रहे। किसानों ने कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी बताते हुए अनुसंधान केंद्र का आभार व्यक्त किया।


