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क्लास थ्री पदों में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देगी सरकार, पुलिस में महिला सब-इंस्पेक्टर के लिए विशेष भर्ती की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी, 2026 हिमाचल प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, जिसके आय के साधन सीमित हैं।

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नाहन : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरमौर जिला के नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कहा कि सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती करने, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये देने और महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन में अगले सत्र से एमएससी जिओलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है और राज्य सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देते हुए 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की, जिसके तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि आज लाहौल-स्पीति जिला की पूरी प्रशासनिक कमान महिलाओं के हाथ में है। जिला सिरमौर के साथ-साथ जिला हमीरपुर की डीसी भी एक महिला अधिकारी हैं जो प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी, 2026 हिमाचल प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, जिसके आय के साधन सीमित हैं। उन्होंने कहा हम पंजाब के खेतों को सींचते हैं, उत्तर भारत को पानी देते हैं, जंगलों को बचा कर रखते हैं लेकिन इसके बावजूद हिमाचल के अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया। मैंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व में हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाने को तैयार हूं, लेकिन भाजपा विधायक विधानसभा सत्र में नारे लगाते रहे और हिमाचल के अधिकार की कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि हम इसका भी सामना करेंगे। हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई को युद्ध की तरह लड़ना होगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं को हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी इसी जिला से हैं, उन्हें भी प्रदेश के लोगों के अधिकारों की बात करनी चाहिए। भाजपा ने धनबल से राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया, लेकिन देवी-देवताओं और लोगों के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई। उन्होंने कहा, पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामलों में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदेश के लोगों के साथ धोखा है।

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उन्होंने कहा कि गुणात्मक शिक्षा के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है और हम स्कूलों में सीबीएसई की शुरूआत कर रहे हैं। यहां म्यूजिक और ड्राइंग की पढ़ाई भी होगी, जिसके लिए राज्य चयन आयोग के माध्यम से अध्यापकों की भर्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है और हमारी सरकार ने सात गारंटियां पूरी कर दी है। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 10,500 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 5800 रुपये किया है।