हाईकोर्ट पहुंचा सराहां-मेहंदो बाग-नाडब-खोजर बस रूट का मामला, राज्य सरकार और एचआरटीसी को नोटिस

अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए 17 मार्च से पहले अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में बताया गया है कि कुछ समय पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से जिले के 18 बस रूटों को घाटे में चलने वाला बताते हुए इन्हें निजी बस ऑपरेटरों को देने की तैयारी की जा रही है।

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शिमला/नाहन : जिला सिरमौर के सराहां-मेहंदो बाग-नाडब-खोजर रूट पर चल रही एकमात्र सरकारी बस सेवा को बंद करने और इस रूट को निजी बस ऑपरेटर को सौंपने की तैयारी को लेकर मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस फैसले के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जनहित याचिका दायर की है, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने सचिव परिवहन और एचआरटीसी के निदेशक से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को निर्धारित की है।

हाईकोर्ट में रतन लाल पूर्व उपप्रधान ग्राम पंचायत कथाड़, भावना बीडीसी मेंबर पच्छाद और राजेंद्र ठाकुर निवासी चमरोगी की नाहन, पच्छाद की ओर से प्रदेश सरकार, परिवहन विभाग और एचआरटीसी के खिलाफ पीआईएल दाखिल की गई है। अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए 17 मार्च से पहले अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में बताया गया है कि कुछ समय पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से जिले के 18 बस रूटों को घाटे में चलने वाला बताते हुए इन्हें निजी बस ऑपरेटरों को देने की तैयारी की जा रही है। इसमें सराहां-मेहंदो बाग-नाडब-खोजर रूट को भी शामिल किया गया है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला।

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ग्रामीणों ने 27 जनवरी को एसडीएम पच्छाद, आरटीओ नाहन और आरएम नाहन को ज्ञापन सौंपकर इस रूट पर एकमात्र सरकारी बस सेवा को जारी रखने की मांग की थी। जब अधिकारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों को मजबूरन हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह रूट हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस. परमार के गृह विधानसभा क्षेत्र पच्छाद के घिनीघाड की छह पंचायतों को जोड़ता है और इसके बंद होने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

यह बस सेवा दो दशक से अधिक समय से संचालित है और इस पर सैकड़ों गांवों के छात्र, ग्रामीण और कर्मचारी प्रतिदिन निर्भर हैं। स्कूल, कॉलेज, आईटीआई के विद्यार्थी, रोजी-रोटी कमाने वाले लोग और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्य के लिए पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां आने-जाने के लिए इसी बस सेवा पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार प्रदेश कई रूटों पर सरकारी बस सेवाएं समाप्त कर उन्हें निजी क्षेत्र को देने की योजना बना रही है, जिसमें पच्छाद विधानसभा क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण रूट भी शामिल है। यह रूट इस क्षेत्र की एकमात्र सरकारी परिवहन सेवा है और इसके बंद होने से दूरदराज के गांवों के लोगों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ेगा।

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