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स्कूलों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर एक मार्च से लगेगा प्रतिबंधः मुख्यमंत्री

यदि किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल पाया गया तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मोबाइल जब्त किया जाएगा और उसके माता-पिता को स्कूल बुलाकर समझाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर तय एसओपी के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

बिलासपुर : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को बिलासपुर जिले के घुमारवीं में नेशनल हैंडबाल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अनेक क्रांतिकारी कदम उठा रही है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष 1 मार्च के बाद राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाएगी और स्कूल परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी।

यदि किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल पाया गया तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मोबाइल जब्त किया जाएगा और उसके माता-पिता को स्कूल बुलाकर समझाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर तय एसओपी के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए शिक्षा विभाग जल्द ही मानक प्रक्रिया तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि स्कूलों में लंच टाइम के दौरान बच्चे मोबाइल में व्यस्त रहते हैं जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते।

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उन्होंने कहा कि सरकार केवल नए स्कूल खोलने पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सरकारी स्कूल में पढ़े हैं, इसलिए स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा लागू करना बेहद जरूरी है। प्रदेश सरकार स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देगी और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी प्रोत्साहित केरगी। वर्तमान सरकार प्रदेश में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल के मैदान बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में एशियन गेम्स में भाग लेकर हिमाचल लौटी प्रदेश की बेटियों को राज्य सरकार रोजगार उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता की विजेता हिमाचल प्रदेश टीम को 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, इसलिए सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों की डाइट मनी को भी बढ़ाया है।

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सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रख रही है। सरकार द्वारा राज्य में 400 रुपये और राज्य से बाहर 500 रुपये डाइट मनी प्रदान की जा रही है और राज्य से 200 किलोमीटर बाहर प्रतियोगिता में भाग लेने पर हवाई सेवा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है, इसी कारण उन्होंने घुमारवीं में नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में इंडोर स्टेडियम निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। इसके अलावा घुमारवीं स्कूल भवन का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोरसिंगी में गर्ल्ज हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।

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69वीं अंडर-19 छात्रा हैंडबॉल स्कूल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में हिमाचल प्रदेश की टीम ने राजस्थान की टीम को पराजित किया। हरियाणा की टीम तीसरे स्थान पर रही। इस प्रतियोगिता में देशभर से आई 30 टीमों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने विजेता और रनर-अप टीमों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर व तिलक राज शर्मा, जिला कांग्रेस की अध्यक्ष अंजना धीमान, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, एपीएमसी बिलासपुर के चेयरमैन सतपाल वर्धन, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार तथा एसपी संदीप धवल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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