शिमला : हिमाचल प्रदेश में 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव 14 नवंबर तक जारी रहने का अनुमान है। बारिश और बर्फबारी के चलते आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
पिछले काफी समय से प्रदेश में बारिश नहीं हुई है। ऐसे में रबी फसलों की बिजाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रदेश में गेहूं रबी सीजन की प्रमुख फसल है।
इसके साथ साथ किसान अन्य रबी फसलों की बिजाई भी करते हैं, जिनके लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है। ऐसे में यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहा और समय पर बारिश हुई तो किसानों को गेहूं की बिजाई करने में मदद मिलेगी।
वहीं, जिन क्षेत्रों में किसान पहले ही फसलों की बिजाई कर चुके हैं, वहां बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। साथ ही लहसुन, मटर, सरसों, प्याज, आलू आदि फसलों के लिए भी बारिश काफी लाभदायक साबित होगी।
हालांकि, प्रदेश में तापमान में गिरावट का दौर भी शुरू हो गया है। न्यूनतम तापमान में सबसे अधिक 1.4 डिग्री की गिरावट शिमला में दर्ज की गई है। इसके बावजूद यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है।
सोलन में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री गिरकर 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुंदरनगर और मंडी में भी करीब 0.4 डिग्री की गिरावट आई। सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री और मंडी में 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान में भी करीब दो डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। पालमपुर में अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 1.9 डिग्री की कमी आई और यहां पारा 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुंदरनगर में 1.2 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में ऊना सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।




