नई दिल्ली : अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट को री-इश्यू कराने की योजना बना रहे हैं तो 1 जुलाई से आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। केंद्र सरकार ने 14 साल बाद पासपोर्ट सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। गृह मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई फीस का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे पहले वर्ष 2012 में पासपोर्ट शुल्क में बदलाव किया गया था।
नई दरों के अनुसार 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। वहीं, इसी श्रेणी के तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 3,500 रुपये की जगह 5,000 रुपये देने होंगे। इसी तरह 60 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये और तत्काल पासपोर्ट की फीस 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है।
पासपोर्ट खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में नया पासपोर्ट बनवाना अब और महंगा पड़ेगा। 36 पन्नों का पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर सामान्य प्रक्रिया के तहत रिप्लेसमेंट के लिए 5,000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 7,500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 8,500 रुपये की फीस तय की गई है।
नाबालिगों के खोए या क्षतिग्रस्त 36 पन्नों के पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट पर भी शुल्क बढ़ाया गया है। सामान्य श्रेणी में इसके लिए 4,250 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 6,750 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट जैसी अन्य पासपोर्ट सेवाओं की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वयस्कों को जारी पासपोर्ट पहले की तरह 10 वर्ष तक वैध रहेगा, जबकि नाबालिगों का पासपोर्ट 5 वर्ष या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगा।
