राजगढ़|
76वें राष्ट्रीय स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर सांस्कतिक परेड़ में आसरा संस्था पझौता, सिरमौर के कलाकारों द्वारा जिला सिरमौर के हाटी जनजातीय क्षेत्र के सिंहटू नृत्य की झलक प्रस्तुत की जाएगी.
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्षा डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा सांस्कृतिक परेड़ के लिए कोरियोग्राफ किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूरे भारत के लगभग सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 5 हजार से अधिक कलाकार एक तालस्वर में विभिन्न प्रकार के लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति देंगे.
वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के निर्देश पर सिरमौर जिला के सिंहटू नृत्य की प्रस्तुति गणतंत्र दिवस में पहली बार होने जा रही है, जिस कारण आसरा के कलाकारों में काफी उत्साह है.
उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक परेड़ में विभिन्न राज्यों के साथ सिंहटू नृत्य के अलावा कर्तव्य पथ के विभिन्न स्थानों पर प्रदेश की कुल्लूवी, सिराजी व सिरमौरी नाटी के लगभग 200 हिमाचली कलाकार भी सांस्कृतिक परेड़ का हिस्सा बनकर प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे.
बता दें कि पद्मश्री विद्यानंद सरैक और डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने लगभग दो दर्शक पूर्व जिला सिरमौर में देव परंपरा से जुड़े सिंहटू नृत्य पर अध्ययन व शोध कार्य करने के बाद इस नृत्य को परिष्कृत करके आम जनमानस के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक मंचों पर लाया था.
आज सिंहटू नृत्य न केवल प्रदेश में बल्कि राज्य से बाहर भी दर्शकों का विशेष आकर्षण बन चुका है. यही कारण है कि इस बार सिंहदू नृत्य को गणतंत्र दिवस की सांस्कृतिक परेड में शामिल किया गया है. इससे पूर्व भी दर्जनों बार यह नृत्य महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है.