नाहन में सिरमौर किसान सभा का प्रदर्शन, जलाईं इन दस्तावेजों की प्रतियां

राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी जो नया मसौदा तैयार किया है, जिसका नाम नेशनल पॉलिसी ऑन एग्रीकल्चर मार्केटिंग दिया है, यह किसान विरोधी है. यह किसानों को पुंजीपतियों के हवाले करने वाला फरमान है. उन्होंने कहा कि ये किसान को लूटने वाली नीति है. इसे देश में किसान हित में लागू नहीं होने देंगे.

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नाहन : संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में डीसी कार्यालय के बाहर सिरमौर किसान सभा के पदाधिकारियों ने कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति के दस्तावेज की प्रतियां जलाईं. इस दौरान किसान सभा ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.
प्रदर्शन की अगुवाई करते किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि 16 दिसंबर को 21 राज्यों के 44 प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि 23 दिसंबर को पूरे देश में सभी जिला मुख्यालयों पर किसान क़ृषि विपणन नीति के विरोध और शम्भू बॉर्डर व नोएडा में जमीन के अधिकार को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान संगठन प्रदर्शन करेंगे.
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी जो नया मसौदा तैयार किया है, जिसका नाम नेशनल पॉलिसी ऑन एग्रीकल्चर मार्केटिंग दिया है, यह किसान विरोधी है. यह किसानों को पुंजीपतियों के हवाले करने वाला फरमान है. उन्होंने कहा कि ये किसान को लूटने वाली नीति है. इसे देश में किसान हित में लागू नहीं होने देंगे. पहले भी किसानों ने 380 दिन का संघर्ष किया. सैकड़ों शहीद हुए लेकिन तीन काले कानून मोदी सरकार को वापस लेने पड़े.
उन्होंने मांग की कि शम्भू बॉर्डर पर अनशन पर बैठे किसानों के साथ सरकार बात करे. नोएडा में जमीन के अधिकार को लेकर जेल में डाले गए किसानों को रिहा करे और सरकार किसानों का दमन करना बंद करे. इस मौके पर किसान सभा के जिला अध्यक्ष सतपाल मान, विश्वनाथ, राम सिंह वालिया, राकेश रमौल, गौरव, शिशुपाल और राहुल आदि पदाधिकारी मौजूद रहे.