सोलन|
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में आयोजित तीन दिवसीय साउथ एशियन पीस कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर शिमला जिले के सीनियर सैकेंडरी स्कूल गौठ के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर वाहवाही लूटी. हिमाचल के लिए गौरव की बात है कि प्रदेश के युवाओं ने आंध्रप्रदेश में अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया.
आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित इंडस इंटरनेशनल स्कूल में देशभर के 18 राज्यों के युवा सहित नेपाल, अफगानिस्तान और भूटान के 300 से युवा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. इस मौके पर इंटरनेशनल यूथ कल्चरल फेस्टिवल का भव्य आयोजन किया, जिसमें पूरे भारत और साउथ एशियन देशों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने प्रोग्राम में चार चांद लगाए. इस अद्भुत महा संगम में शिमला जिला के सीनियर सैकेंडरी स्कूल गौठ के छात्र अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की नाटी, हारूल और माला नृत्य प्रस्तुत किया.
सुदूर उत्तर भारत के राज्य हिमाचल से दक्षिण भारत के राज्य आंध्र में अपनी प्रस्तुति देकर छात्र काफी उत्साहित हैं. हिमाचल टीम लीडर पहले दिन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि साउथ एशियन पीस कांफ्रेंस एकता और भाईचारे को समर्पित कार्यक्रम है. आज चारों ओर नफरत और उन्माद का वातावरण है. इस तरह के कार्यक्रम से छात्रों में मैत्री और सद्भावना का विकास होगा, जिससे धरा स्वर्ग बन सकती है.
उन्होंने नेशनल यूथ प्रोजेक्ट के संस्थापक डॉक्टर एसएन सुब्बाराव और उनकी शांति के प्रति नीति और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हर किसी को शांति की जरूरत है. गांधी जी द्वारा शांति के लिए दिखाए गए मार्ग पर चलकर हम विश्व में शांति स्थापित कर सकते हैं. 11 सदस्यीय टीम में यशपाल कपूर के अलावा गौठ सैकेंडरी स्कूल के तीन अध्यापक राय सिंह रावत, मदन सिंह, टीचर गौरव माल्टा और छात्र साहिल लालटा, नरेश, साहिल, अमित, आयुष, विशाल व ललित भाग ले रहे हैं.