HomeAasthaइतिहास, आस्था और उत्सव का संगम बनेगा अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026; 16, 19...

इतिहास, आस्था और उत्सव का संगम बनेगा अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026; 16, 19 और 22 फरवरी को निकलेगी जलेब

मंडी शहर के 500 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को स्मरणीय बनाने के लिए शहर में 10 प्रमुख स्थान चिन्हित किए जाएंगे, ताकि आमजन और श्रद्धालुओं को यह अनुभूति हो कि मंडी अपने ऐतिहासिक सफर के 500 वर्ष पूर्ण कर चुकी है।

मंडी : मंडी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव- 2026 इस बार विशेष, ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। मंडी नगर की स्थापना के 500 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय आम सभा की बैठक में लिए गए। महाशिवरात्रि महोत्सव की प्रथम जलेब 16 फरवरी, दूसरी जलेब 19 फरवरी और अंतिम जलेब 22 फरवरी, 2026 को निकाली जाएगी।

विधायक धर्मपुर एवं आम सभा के अध्यक्ष चंद्र शेखर की अध्यक्षता में मंगलवार को कांगणीधार स्थित संस्कृति सदन में साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देवताओं के ठहराव एवं आदर-सत्कार की व्यवस्था, सांस्कृतिक व खेलकूद कार्यक्रमों का स्वरूप, स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन, कला एवं साहित्य महोत्सव, स्मारिका प्रकाशन और वित्तीय संसाधन जुटाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

चंद्रशेखर ने कहा कि इस बार शिवरात्रि मेले को पूरी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। मंडी शहर के 500 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को स्मरणीय बनाने के लिए शहर में 10 प्रमुख स्थान चिन्हित किए जाएंगे, ताकि आमजन और श्रद्धालुओं को यह अनुभूति हो कि मंडी अपने ऐतिहासिक सफर के 500 वर्ष पूर्ण कर चुकी है।

ये भी पढ़ें:  चंबा में फिर मिला ‘पाकिस्तानी गुब्बारा’, नगाली पंचायत में दहशत, जांच में जुटी पुलिस

 

उन्होंने सभी सदस्यों से आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आह्वान किया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस बार शिवरात्रि महोत्सव के सभी प्रमुख कार्यक्रम एंटी चिट्टा थीम पर आधारित होंगे। पिछले वर्ष प्रारंभ की गई व्यास आरती इस वर्ष भी आयोजित की जाएगी। नशा मुक्ति के संदेश को व्यापक बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों को भी एंटी चिट्टा कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा।

खेल गतिविधियों को लेकर निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष की भांति इस बार भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। क्रिकेट लीग का आयोजन जनवरी माह में किया जाएगा, जिसमें 32 टीमें भाग लेंगी और लीग आधार पर कुल 31 मैच आयोजित होंगे। खेल प्रतियोगिताओं में मंडी जिला के खिलाड़ियों को अधिक अवसर दिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल के पांच एचपीएस अधिकारियों का आईपीएस पद पर प्रोमोशन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में निर्णय लिया गया कि इस बार सांस्कृतिक संध्याओं के लिए केवल हिमाचली कलाकारों को ही आमंत्रित किया जाएगा और किसी अन्य राज्य के कलाकारों को नहीं बुलाया जाएगा। प्रदेश के आपदा काल से गुजरने के मद्देनजर स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक मंच प्रदान करने पर सहमति बनी। हालांकि, पिछले वर्ष की भांति विदेशों के कलाकारों को इस बार भी मेले में आमंत्रित किया जाएगा। सभी सांस्कृतिक संध्याएं सेरी मंच पर ही आयोजित होंगी।

देवताओं के ठहराव को लेकर बैठक में कई सुझाव सामने आए। सदस्यों ने पड्डल मैदान में चानणी से लेकर खेल विभाग कार्यालय तक की पौड़ियों पर देवताओं को विराजमान करवाने का सुझाव दिया, जबकि कुछ सदस्यों ने इंदिरा मार्केट की छत पर ठहराव का प्रस्ताव रखा। सर्वदेवता समिति एवं कारदार संघ की ओर से अस्थायी पैगोड़ा शैली के तंबू लगाने का सुझाव भी दिया गया। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मौके पर स्थान का निरीक्षण कर सभी की सहमति से निर्णय लिया जाएगा तथा देवताओं को पूर्ण मान-सम्मान प्रदान किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  चुरूवाधार के शनोल मेले में उमड़ा जनसैलाब, 51 हजार की बड़ी माली जीतकर हरी पहलवान बने दंगल के सरताज

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर यह निर्णय लिया गया कि मेले के दौरान अतिरिक्त सफाई प्रबंध किए जाएंगे। कूड़ा उठाने के लिए अतिरिक्त गाड़ियां लगाई जाएंगी और विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए प्रथम पुरस्कार 7100, दूसरा 5100 और तीसरा 3100 रुपये निर्धारित किया गया।

मेले से पूर्व नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी, जबकि लोक निर्माण विभाग मलोरी टनल से लेकर पुल घराट तक सड़क की बीयरिंग का कार्य करेगा।

Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

Latest Articles

Explore More