HomeHimachalMandiमंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 24561 नए मामले...

मंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 24561 नए मामले स्वीकृत : चंद्रशेखर

उन्होंने कहा कि मंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिसंबर, 2025 तक 24561 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत जिला में कुल 1,39,100 पात्र लाभार्थियों को लगभग 117 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग राहत भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता, कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता और ट्रांसजेंडर के लाभार्थी शामिल हैं।

मंडी : प्रदेश सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है और इस दिशा में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना सहित कई नवीन योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। यह बात आज यहां जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए धर्मपुर से विधायक एवं समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कही।

उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विशेष योग्यता वाले व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान सुनिश्चित किया जा रहा है।

इन वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडी जिला को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 123 करोड़ रुपए से अधिक की बजट राशि का प्रावधान किया गया है, जिसमें से अभी तक एक लाख 39 हजार 282 पात्र लाभार्थियों को लगभग 119 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है।

ये भी पढ़ें:  वंदे मातरम के गौरवमयी 150 वर्ष: हिमाचल पुलिस ब्रास बैंड की देशभक्ति धुनों से गूंजा नाहन

उन्होंने कहा कि मंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिसंबर, 2025 तक 24561 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत जिला में कुल 1,39,100 पात्र लाभार्थियों को लगभग 117 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग राहत भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता, कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता और ट्रांसजेंडर के लाभार्थी शामिल हैं।

जिला में इस वर्ष अभी तक मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत 69 लाख रुपए और स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों को लगभग 52 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई है। इसी प्रकार अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत करीब 25 लाख 75 हजार रुपए, दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के तहत लगभग 5 लाख 29 हजार रुपए, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 19 लाख 40 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। जिला में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत सभी दस विधानसभा क्षेत्रों में 141 गांवों का चयन किया गया है।

ये भी पढ़ें:  नाहन-ददाहू सड़क पर अनियंत्रित होकर नाले के पास पलटी थार जीप

चंद्रशेखर ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने पाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने वंचित वर्गों के कल्याण के दृष्टिगत कई योजनाओं में अहम बदलाव किए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत अब ऑनलाइन माध्यम से लोकमित्र केंद्र से भी आवेदन हिम एक्सेस पोर्टल पर किया जा सकता है। सुशासन की दिशा में आगे बढ़ते हुए सभी पेंशनधारकों की ऑनलाइन ई-केवाईसी निकटतम आंगनबाड़ी केंद्रों से करवाई जा सकती है।

राज्य सरकार ने दिव्यांग राहत भत्ता के मामले में सुधार करते हुए ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जो स्वयं किसी सरकारी, अर्द्ध सरकारी या बोर्ड-निगम इत्यादि में कार्यरत न हो और किसी अन्य प्रकार की पेंशन प्राप्त न कर रहा हो, उसे पेंशन का प्रावधान किया है। इससे पहले डीसी अपूर्व देवगन ने विधायक एवं समिति के अध्यक्ष का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति के समक्ष प्रस्तुत सुझावों एवं निर्देशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।

ये भी पढ़ें:  निर्वाचक नामावली में किसी भी प्रकार के आक्षेप के लिए 16 अप्रैल तक करवाएं आपत्तियां दर्ज

जिला कल्याण अधिकारी समीर ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। बैठक में नगर निगम मंडी के महापौर विरेंद्र भट्ट शर्मा, सभी उपमंडलाधिकारी (ना.) एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

Latest Articles

Explore More