कालाअंब : हरियाणा की सीमा से सटे कालाअंब इलाके की शिवालिक कॉलोनी क्षेत्र में जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चूली गांव के तीन मजदूर युवकों के साथ बर्बर मारपीट के बाद एक की मौत मामले को लेकर सीटू ने आंदोलन का ऐलान किया है। सीटू ने स्पष्ट किया है कि मामले में उचित कार्रवाई न होने के विरोध में 8 जनवरी को नारायणगढ़ पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल लखनपाल की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि विजय और नीरज भी हमले में घायल होंगे, जिनका उपचार चल रहा है।

सीटू ने कहा कि कालाअंब क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित युवक जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चूली गांव के निवासी हैं, जो मजदूरी के लिए कालाअंब क्षेत्र में रह रहे थे। सीटू की जिला सिरमौर कमेटी और हिमाचल किसान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से मिला। इस दौरान परिवारजनों ने बताया कि हमले के बाद आरोपियों ने फोन कर धमकियां दीं और बच्चों को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की गई।
पीड़ित परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि साहिल शर्मा, सुनील शर्मा समेत पांच से सात अन्य व्यक्तियों ने जबरन मारपीट के दौरान पीड़ितों को आपत्तिजनक सामग्री खिलाई गई, जिससे इस अपराध की अमानवीय और साजिशन प्रकृति सामने आती है।
सीटू का कहना है कि पीड़ितों को बेहद बेरहमी से पीटा गया, लेकिन इसके बावजूद मामला नारायणगढ़ थाने में कमजोर धाराओं के तहत दर्ज किया गया। सीटू ने इसे न्याय के साथ मजाक बताते हुए मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में एट्रोसिटी एक्ट के तहत साजिशन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सामने आ सके।
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि संगठन इस जघन्य अपराध के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि राज्य की सीमाओं के बाहर काम कर रहे कामगारों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर 8 जनवरी को नारायणगढ़ पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगाई जाएगी।


