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सिरमौर की सड़कों पर मौत का सफर, दो दशकों में बार-बार उजड़े परिवार, जानिए कब-कब हुए बड़े हादसे

हर हादसे के बाद प्रशासनिक दावे जरूर हुए, लेकिन सड़क सुरक्षा की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। ओवरलोडिंग, संकरी और खराब सड़कें, सुरक्षा दीवारों, पैरापिट्स और क्रैश बैरियरों की कमी हादसों की बड़ी वजह रही है। हर साल नए आंकड़े जुड़ते गए, लेकिन सबक लेने की कोशिश अधूरी ही रही।

नाहन : जिला सिरमौर में पिछले दो दशकों के दौरान हुए सड़क हादसे यह बताने के लिए काफी हैं कि यहां की सड़कों पर सफर कितना जानलेवा साबित हुआ है। कभी निजी बसें तो कभी बारात की गाड़ियां, कई वाहन गहरी खाइयों में गिरकर सैकड़ों परिवारों की खुशियां छीन ले गए।

श्री रेणुकाजी, संगड़ाह, शिलाई, पच्छाद और राजगढ़ जैसे दुर्गम इलाकों में हुए हादसों ने जिले को बार-बार झकझोरा है। इन दुर्घटनाओं में एक साथ कई लोगों की मौत के कई दर्दनाक उदाहरण सामने आए। साल 2000 में डिंगर किन्नर का हादसा हो या 2013 और 2014 में बसों के गिरने की घटनाएं, जख्म आज भी ताजा हैं।

हर हादसे के बाद प्रशासनिक दावे जरूर हुए, लेकिन सड़क सुरक्षा की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। ओवरलोडिंग, संकरी और खराब सड़कें, सुरक्षा दीवारों, पैरापिट्स और क्रैश बैरियरों की कमी हादसों की बड़ी वजह रही है। हर साल नए आंकड़े जुड़ते गए, लेकिन सबक लेने की कोशिश अधूरी ही रही।

इन हादसों ने यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर कब तक सिरमौर की सड़कें जान लेती रहेंगी। यह खबर उन्हीं हादसों की कड़ी को सामने रखती है, जो बीते दो दशकों में जिले का दर्द बन चुके हैं।

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यहां जानें सिरमौर के बड़े हादसे
• 8 मार्च 2000 को डिंगर किन्नर में बरात की बस खाई में गिरने से 46 लोगों की जान गई।
• 1 फरवरी 2009 को श्री रेणुकाजी के समीप सताहन में ट्रक खाई में गिरा 4 की मौत।
• 5 सितंबर 2011 को श्रीरेणुकाजी के धनोई में वैन व राजगढ़ के दलेहा में पिकअप गिरी 6-6 लोगों की मौत 2 घायल
• 9 फरवरी 2012 को संगड़ाह के समीप पिकअप खाई में गिरी 5 की मौत
• 24 नवंबर 2012 शिलाई के बसोग खाला में पिकअप खाई में गिरी 10 की मौत।
• 7 जून 2013 को संगड़ाह के भराड़ी के समीप निजी बस दुर्घटनाग्रस्त, 20 की मौत, 12 घायल।
• 27 सितंबर 2013 को श्री रेणुकाजी के द्राबला में निजी बस खाई में गिरी, 21 की मौत।
• 7 अप्रैल 2014 को टिंबी के समीप निजी बस खाई में गिरी, 19 मरे, 52 घायल।
• 16 जून 2014 को श्री रेणुकाजी के बिरला के नजदीक पर्यटकों की बस खाई में गिरी, 14 की मौत, 46 घायल।
• 23 नवंबर 2014 को सैल में बस खाई में गिरी, 7 मरे, 9 घायल ।
• 29 अप्रैल 2015 को शिलाई के टटियाना में निजी बस दुर्घटनाग्रस्त, पांच की मौत, 36 घायल।
• 26 फरवरी 2016 को हाब्बन-चंबीधार मार्ग पर निजी बस खाई में गिरी, 8 की मौत 22 घायल
• 23 अगस्त 2017 को पांवटा साहिब के बहराल में कार-ट्रक दुर्घटना में 5 की मौत 3 घायल।
• 13 मई 2018 को राजगढ़ के नेईनेटी में निजी बस दुर्घटनाग्रस्त, 8 की मौत, 13 घायल
• 25 नवंबर 2018 को श्रीरेणुकाजी के जलाल पुल से निजी बस नदी में गिरी, 10 मरे 47 घायल।
• 5 जनवरी 2019 को श्री रेणुकाजी के खडकोली से निजी स्कूल बस खाई में गिरी 8 मरे, 12 घायल।
• 22 अप्रैल 2019 को हरिपुरधार हैलीपेड के समीप कार खाई में गिरी 4 लोगों की मौत।
• 28 जून 2021 को शिलाई उपमंडल के कोटी उतरऊ के समीप बरात की गाडी खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत।
• 9 जनवरी 2026 को हरिपुरधार में निजी बस दुर्घटना का शिकार हुई, जिसमें 14 लोगों की मौत हो चुकी है। 52 यात्री घायल हुए हैं।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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