एबीवीपी शिमला ने मनाई प्रो. यशवंत राव केलकर की जन्म शताब्दी, विद्यार्थियों को दिया राष्ट्र निर्माण का मंत्र

कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने प्रो. यशवंत राव केलकर के जीवन, उनके संगठनात्मक प्रयोगों और विद्यार्थी परिषद को एक सशक्त राष्ट्रवादी छात्र संगठन के रूप में स्थापित करने में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

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शिमला : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर ने संगठन शिल्पी, विचारक और राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ता स्वर्गीय प्रो. यशवंत राव केलकर के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अभिवाचन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रवादी विचारधारा, संगठनात्मक चेतना और बौद्धिक विमर्श को सशक्त करना रहा। इसमें शिमला महानगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े विद्यार्थी, कार्यकर्ता और बौद्धिक वर्ग की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने प्रो. यशवंत राव केलकर के जीवन, उनके संगठनात्मक प्रयोगों और विद्यार्थी परिषद को एक सशक्त राष्ट्रवादी छात्र संगठन के रूप में स्थापित करने में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केलकर का जीवन विचारों की स्पष्टता, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के माध्यम से छात्र शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके विचारों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता सुफल सूद ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यशवंत राव केलकर का चिंतन केवल संगठन तक सीमित नहीं था, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को उनके विचारों को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है, ताकि संगठन की वैचारिक मजबूती के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

अभिवाचन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने यशवंत राव केलकर के जीवन, विचार और संगठनात्मक दर्शन पर आधारित विभिन्न पाठों का वाचन किया। इससे उपस्थित लोगों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को गहराई से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को आज की पीढ़ी तक पहुंचाना और उन्हें व्यवहारिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर ने संकल्प व्यक्त किया कि केलकर के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे वर्ष विभिन्न बौद्धिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को विद्यार्थियों और समाज तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ किया गया।

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