नाहन : कड़ी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता, हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने यह साबित कर दिखाया है। पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 उत्तीर्ण कर ऑल इंडिया रैंक 844 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है।
वर्तमान में संजीव कुमार नाहन में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) में जांच अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। कांगड़ा जिले की नूरपुर तहसील से संबंध रखने वाले 30 वर्षीय संजीव कुमार ने वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी और ड्यूटी के साथ-साथ अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा।
उनकी मेहनत और कार्यकुशलता को देखते हुए अक्टूबर 2025 में उन्हें पदोन्नत कर इंस्पेक्टर बनाया गया। पुलिस सेवा की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा और लगातार मेहनत करते हुए आखिरकार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। संजीव कुमार साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता प्यार सिंह मजदूरी करते हैं, जबकि माता बीना देवी गृहिणी हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। संजीव कुमार विवाहित हैं और उनकी पत्नी रितु चौधरी उनका हर परिस्थिति में साथ देती रही हैं, उनका ढाई वर्ष का बेटा कर्मण्य भी है, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
संजीव कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी, भाई सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पांचवें प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है और इस मुकाम तक पहुंचने का सफर लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। वह पहले हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) की भी तैयारी करते रहे, जिसकी प्रारंभिक परीक्षा उन्होंने पांच बार उत्तीर्ण की, दो बार मुख्य परीक्षा दी और एक बार साक्षात्कार तक भी पहुंचे, लेकिन अंतिम रूप से चयनित नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर प्रयास करते रहे।
संजीव कुमार के अनुसार उन्होंने वर्ष 2017-18 से ही प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2020 में पुलिस सेवा ज्वाइन करने के बाद भी वह समय निकालकर पढ़ते रहे। वर्ष 2024 में उन्होंने दोबारा पूरी गंभीरता के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। विजिलेंस में तैनाती के दौरान सुबह-शाम पढ़ाई करने का अवसर मिलता था। संजीव कुमार की शैक्षणिक उपलब्धियां भी काफी उल्लेखनीय रही हैं, उन्होंने यूजीसी की नेट, सेट और जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। इसके अलावा वह सहायक प्रोफेसर, नायब तहसीलदार और बैंक पीओ के साक्षात्कार भी दे चुके हैं। अब यूपीएससी में उनके चयन से उन्होंने हिमाचल का मान देशभर में बढ़ाया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं के लिए बड़ी मिसाल बने हैं।



