शिमला : कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अनुराग शर्मा को राज्यसभा सदस्य के पद पर निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। उनके खिलाफ किसी भी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था, जिसके चलते वे निर्विरोध निर्वाचित हुए। सोमवार को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया के तहत उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया गया।
विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने अनुराग शर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही वे औपचारिक रूप से राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं, हालांकि अभी सदन में उनकी शपथ होना शेष है। उल्लेखनीय है कि इस सीट के लिए 16 मार्च को चुनाव प्रस्तावित था, लेकिन उनके अलावा किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा नामांकन न भरने के कारण मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। इससे पहले 6 मार्च को नामांकन पत्रों की छंटनी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी।
राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने शिमला स्थित पार्टी कार्यालय में अनुराग शर्मा के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, एआईसीसी के प्रवक्ता कुलदीप राठौर सहित कई मंत्री, विधायक और बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष मौजूद रहे।
इससे पहले प्रदेश विधानसभा सचिवालय में निर्वाचन अधिकारी से निर्विरोध निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद अनुराग शर्मा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को गुलदस्ता भेंट कर आशीर्वाद लिया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे संसद में हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे और प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी करेंगे।



