मंडी : राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक की कार्यवाही की अनुपालना की समीक्षा के लिए बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त मंडी डॉ. राज कृष्ण परूथी ने की। बैठक में डीसी अपूर्व देवगन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में कोल बांध परियोजना से मंडी जिला के सुंदरनगर और करसोग उपमंडलों के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने एनटीपीसी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों तथा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जो भी सीएसआर गतिविधियां की जाएं, वे उपायुक्त के संज्ञान में लाकर करें, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों की समस्याओं और मांगों को समय रहते समझा जा सके और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में कोल बांध से सतलुज नदी के दोनों किनारों पर हो रही सिल्ट की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि कोल बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक की कार्रवाई का संचालन सहायक आयुक्त, मंडलायुक्त (मंडी) सुनयना शर्मा ने किया।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी, तहसीलदार करसोग, एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ अंजुला अग्रवाल, सहायक प्रबंधक( एच आर) पूर्ण सिंह उपस्थित रहे।



