शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने आगामी बजट में महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति खरीद पर स्टांप ड्यूटी में विशेष छूट देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर महिलाओं से केवल 4 प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाएगा, जिससे उन्हें संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार ने इसके साथ ही राजस्व विभाग को आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए कई बड़े सुधारात्मक कदम उठाने की भी घोषणा की है। अगले वित्त वर्ष में भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और किसानों के लिए एकीकृत डाटाबेस तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
राजस्व मामलों के त्वरित निपटान के लिए अक्तूबर 2023 से हर महीने के अंतिम दो कार्य दिवसों में तहसील स्तर पर राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। इन लोक अदालतों के माध्यम से अब तक लगभग 4.82 लाख इंतकाल, 31 हजार तकसीम, 54 हजार निशानदेही और 15 हजार दुरुस्ती से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 से विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन भी शुरू किया गया है, जिससे लंबित मामलों में तेजी से कमी आई है।
सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में भूमि रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए 2.12 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। ऑनलाइन म्यूटेशन मॉड्यूल अंतिम चरण में है और इसके लागू होने के बाद म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। भूमि रिकॉर्ड में आधार सीडिंग, मोबाइल नंबर और पते की प्रविष्टि भी की जा रही है, जिससे अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही किसानों के लिए एकीकृत फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में लोगों को संपत्ति के अधिकार दिए जा रहे हैं। हमीरपुर जिले में अब तक 5 हजार से अधिक संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में नक्शा परियोजना को पायलट आधार पर सोलन, मंडी, पालमपुर और नादौन में शुरू किया जाएगा, जिसमें ड्रोन तकनीक से भूमि मानचित्र तैयार किए जाएंगे।
सरकार लाइव जमाबंदी प्रणाली की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे म्यूटेशन के बाद जमीन का रिकॉर्ड तुरंत अपडेट हो सके और लोगों को वास्तविक समय में सही जानकारी मिल सके। नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर आधुनिक बनाया जाएगा और इसकी शुरुआत सोलन जिले से की जाएगी। इसके अलावा राजस्व विभाग में पटवारियों के 645 पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा प्रावधान किया है। रेडी एचपी परियोजना के तहत लगभग 2700 करोड़ रुपये खर्च कर आपदाओं से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वहीं आजीविका को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये और आपदा जोखिम कम करने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।



