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सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए खोला खजाना, आंगनबाड़ी और आउटसोर्स समेत जानें किसका कितना मानदेय बढ़ा

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कर्मचारियों, पेंशनरों, दिहाड़ीदारों और विभिन्न श्रेणी के वर्करों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है।

शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कर्मचारियों, पेंशनरों, दिहाड़ीदारों और विभिन्न श्रेणी के वर्करों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है।

बजट में सबसे अहम घोषणा कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया एरियर को लेकर की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय वेतन और पेंशन बकाया का भुगतान न होने से करीब 13 हजार करोड़ रुपए की देनदारी बनी है। अब सरकार ने इन बकायों को चरणबद्ध तरीके से चुकाने का संकल्प लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में वर्ष 2016 से पहले के सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को उनका पूरा एरियर दिया जाएगा। साथ ही 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रैच्युटी और लीव एनकैशमेंट के एरियर का भुगतान भी इसी वित्त वर्ष में किया जाएगा, जिस पर लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा फैसला स्टडी लीव को लेकर लिया गया है। अब स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा। पहले जिन कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिला था, उनके बकाया का भुगतान भी किया जाएगा। इसके अलावा अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल करते हुए साल में दो बार नियमितीकरण का फैसला लिया गया है। अब 31 मार्च और 30 सितंबर 2026 को नियमितीकरण किया जाएगा।

दिहाड़ीदारों और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी बजट में राहत मिली है। दैनिक वेतनभोगियों की दिहाड़ी 25 रुपए बढ़ाकर 450 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 13,750 रुपए प्रतिमाह तय किया गया है। लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्कर्स, एसएमसी अध्यापकों, आईटी टीचर्स, स्पैशल पुलिस ऑफिसर और पार्ट-टाइम मल्टी टास्क वर्कर्स के मानदेय में 500-500 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

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आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और सिलाई शिक्षकों के लिए भी बजट में बड़ी सौगात दी गई है। इनके मानदेय में 1000 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 11,500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 8,300 रुपए, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और आशा वर्करों को 6,800 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। सिलाई शिक्षकों के मानदेय में भी समान बढ़ोतरी की गई है।

इसके अलावा मिड-डे मील, जल रक्षक और अन्य अंशकालिक वर्करों के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। मिड-डे मील वर्करों को अब 5,500 रुपए, वाटर कैरियर को 6,000 रुपए, जल रक्षकों को 6,100 रुपए, मल्टी पर्पज वर्करों को 6,000 रुपए, पैरा फिटर और पंप ऑपरेटर को 7,100 रुपए, पंचायत चौकीदारों को 9,000 रुपए, राजस्व चौकीदारों को 6,800 रुपए और राजस्व लंबरदारों को 5,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।

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कुल मिलाकर इस बजट में सरकार ने कर्मचारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले वर्करों को साधने की पूरी कोशिश की है, जिसमें आर्थिक राहत के साथ-साथ लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने पर फोकस साफ नजर आता है।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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