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कालाअंब में बुनियादी सुविधाओं को लेकर उद्योगपतियों ने जताई चिंता, DC के सामने खोली सिस्टम की पोल

उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उद्योगपति मनोज गर्ग की अगुवाई में प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की।

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नाहन : औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर उद्योग जगत का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उद्योगपति मनोज गर्ग की अगुवाई में प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की। उद्योगपतियों ने साफ कहा कि कालाअंब जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।

मनोज गर्ग ने कहा कि उद्योगों से एकत्रित साडा (SADA) का पैसा कालाअंब के विकास पर ही खर्च होना चाहिए। जब उद्योग यहां स्थापित हैं तो सुविधाएं भी उसी स्तर की मिलनी चाहिए। बैठक में कालाअंब-त्रिलोकपुर सड़क की बदहाल स्थिति को सबसे बड़ा मुद्दा बताया गया। उद्योगपतियों ने कहा कि खराब सड़क के कारण परिवहन प्रभावित हो रहा है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति दोनों पर असर पड़ रहा है। साथ ही नालियों की खराब व्यवस्था के चलते क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।

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ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी उद्योगपतियों ने गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि बैरियर संकरा होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है, जिससे उद्योगों को समय और लागत दोनों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसे चौड़ा करने और ट्रैफिक सिस्टम को व्यवस्थित करने की मांग उठाई गई। बिजली दरों में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए उद्योगपतियों ने दरों में कटौती की मांग की और अंधेरी सब स्टेशन से कालाअंब को जोड़ने की जरूरत भी बताई, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

118 परमिशन को लेकर भी उद्योगपतियों ने कहा कि एक बार अनुमति लेने के बाद बार-बार परमिशन की शर्त उद्योगों पर अनावश्यक बोझ डालती है। किराये की इकाइयों पर यह शर्त लागू न करने और प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी गई। उद्योगपति सुरेंद्र जैन ने बैठक में कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की रीढ़ उसकी बुनियादी सुविधाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सड़क, बिजली, पानी और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो उद्योग आगे नहीं बढ़ सकते। कालाअंब में संभावनाएं तो बहुत हैं, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।

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उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन को केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। इसके अलावा मारकंडे नदी में चेक डैम निर्माण, ईएसआई अस्पताल की सड़क को कालाअंब से जोड़ने, बस स्टैंड की समस्या के समाधान और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

बैठक में चैम्बर ऑफ कॉमर्स कालाअंब के अध्यक्ष दीपेन गर्ग और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल महेश्वरी सहित अन्य उद्योगपति मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो औद्योगिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने उद्योगपतियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

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