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लिव-इन कपल को मिलेगा ‘शादीशुदा’ का दर्जा, जनगणना 2027 में डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी कवायद

देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना अब बड़े बदलावों के साथ सामने आ रही है। जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार प्रक्रिया न सिर्फ दो चरणों में पूरी होगी, बल्कि इसमें कई नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

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नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना अब बड़े बदलावों के साथ सामने आ रही है। जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार प्रक्रिया न सिर्फ दो चरणों में पूरी होगी, बल्कि इसमें कई नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। सबसे अहम बदलाव यह है कि अगर कोई लिव-इन कपल अपने रिश्ते को स्थायी मानता है, तो उसे जनगणना में शादीशुदा के रूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे बदलते सामाजिक ढांचे को समझने में मदद मिलेगी।

रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। गणनाकर्ता अब मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा जुटाएंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होगी। इसके साथ ही पहली बार लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है, यानी नागरिक खुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

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जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं और सदस्यों की स्थिति जैसी अहम जानकारी शामिल होगी। यह पूरी प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी की जाएगी। इसमें शुरुआती 15 दिन लोगों को खुद जानकारी दर्ज करने के लिए दिए जाएंगे, जबकि अगले 30 दिनों में गणनाकर्मी घर-घर जाकर डाटा एकत्र करेंगे।

जनगणना को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में घरों की संख्या, उनकी स्थिति और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में आबादी से संबंधित विस्तृत डाटा दर्ज किया जाएगा। इस बार जातिगत गणना को भी शामिल किया गया है, जो लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।

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सरकार ने यह भी साफ किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। यह डाटा न तो आरटीआई के तहत साझा किया जा सकेगा और न ही किसी अदालत में इसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।