बिहार में सत्ता का नया अध्याय शुरू हो गया है, जहां लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में आ गई है। बुधवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया।
मुख्यमंत्री के साथ-साथ बिहार को दो नए उपमुख्यमंत्री भी मिले हैं। विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जो राजनीतिक संकेतों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जबकि दोनों उपमुख्यमंत्रियों को भी मंत्रिपरिषद के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई।
सम्राट चौधरी कोइरी (OBC) समुदाय से आते हैं और इस वर्ग से मुख्यमंत्री बनने वाले वे दूसरे नेता हैं। इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह इस पद तक पहुंचे थे, हालांकि उनका कार्यकाल केवल पांच दिनों का ही रहा था, क्योंकि उस समय कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया था।
राजनीतिक सफर में सम्राट चौधरी ने एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। कर्पूरी ठाकुर के बाद वे बिहार के ऐसे दूसरे नेता बन गए हैं, जो उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर रह चुके हैं।
सम्राट चौधरी फिलहाल तारापुर से बीजेपी विधायक हैं। वह 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह RJD और JDU में भी रहे।
सम्राट चौधरी 1999 में पहली बार बिहार सरकार में मंत्री बने थे। राबड़ी सरकार में कृषि मंत्री बनने के बाद उम्र विवाद को लेकर चर्चा में भी आए। शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी को लालू यादव ने एक युवा और अन्य पिछड़ा वर्ग के चेहरे के तौर पर मौका दिया था।
