होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो भारतीय व्यापारी जहाजों पर शनिवार दोपहर अचानक फायरिंग होने से हालात तनावपूर्ण हो गए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, Islamic Revolutionary Guard Corps की दो गनबोट्स टैंकरों के करीब आईं और बिना किसी रेडियो चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटनाक्रम के बाद दोनों भारतीय जहाज स्ट्रेट पार किए बिना ही लौट गए। राहत की बात यह रही कि जहाज और उनके क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बताया गया कि एक जहाज करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था।
घटना के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत Dr. Mohammad Fathali को तलब किया और इस फायरिंग पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इससे पहले ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया था, हालांकि 24 घंटे के भीतर अपने फैसले में बदलाव करते हुए स्थिति और सख्त कर दी।
तेहरान से जारी बयान में ईरान ने साफ किया कि अमेरिका के साथ बातचीत के बाद कुछ समय के लिए जहाजों को गुजरने दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर सीजफायर समझौते के उल्लंघन के बाद अब इस समुद्री रास्ते पर पूरी तरह सैन्य नियंत्रण रहेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक होर्मुज से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान पर दबाव जारी रहेगा और जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, नाकेबंदी हटाने का सवाल नहीं उठता। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो ईरान के पास मौजूद एनरिख्ड यूरेनियम को लेकर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नाम से जारी संदेश में कहा गया कि ईरान की नौसेना दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान आर्मी डे के मौके पर सामने आया, जिसने क्षेत्र में पहले से बने तनाव को और बढ़ा दिया है।