नाहन : आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनाव को लेकर आज सीपीएम जिला केंद्र की बैठक नाहन में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी ने चुनावी रणनीति पर मंथन करते हुए स्पष्ट किया कि वह इस बार स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और जनता से जुड़े सवालों पर सक्रिय हस्तक्षेप करेगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि चुनाव के जरिए उन नीतियों को उजागर किया जाएगा, जिन्हें पार्टी जनविरोधी मानती है और जिनका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चिंता जताई गई। कहा गया कि गांव स्तर पर लोकतांत्रिक अधिकार मनरेगा को कमजोर किया गया है, जिससे आने वाले समय में ग्रामीण रोजगार और विकास पर गंभीर असर पड़ेगा। इसके अलावा सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि वे लगातार कमजोर हो रही हैं।
सीपीएम ने यह भी कहा कि जिले में बड़ी संख्या में लोग कृषि, बागवानी और दूध उत्पादन से जुड़े हैं, लेकिन इन क्षेत्रों के विकास के लिए ठोस प्रावधानों का अभाव है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। पार्टी के अनुसार, पंचायती राज व्यवस्था स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था है, लेकिन इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रहा और इसका राजनीतिक उपयोग ज्यादा हो रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि कृषि, बागवानी, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, मनरेगा योजना और मंडी मध्यस्थता योजना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बजटीय प्रावधानों को लगातार कमजोर किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और ग्रामीण जीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
जिला सचिव राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सीपीएम पूरे जिले में जिला परिषद, पंचायत समिति, प्रधान और वार्ड सदस्य के पदों पर सक्रिय रूप से भागीदारी करेगी और पार्टी समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।
