नाहन : जिला सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह घरेलू गैस की समय पर आपूर्ति न होने से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, लेकिन फिर भी गैस की सप्लाई नहीं पहुंच रही। ऐसे में लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर गैस की कोई किल्लत नहीं है तो क्यों संबंधित एजेंसी की गाड़ियां निर्धारित अवधि में नहीं पहुंच रही हैं।
जिला सिरमौर के सैनधार क्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से एलपीजी की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेहर सबार पंचायत के पूर्व उप प्रधान सुरेश शर्मा, दिनेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, रविकांत, रोहित ठाकुर, संजीव शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, कमलेश कुमार, देव प्रकाश, राजेंद्र ठाकुर, शमशेर सिंह ठाकुर और मदन मोहन शर्मा सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि नेहर सबार, बेचड़ का बाग, पराडा, पनियाली, चकनाल, कोटला मोलर, पनार, दीद बगड़ समेत कई गांवों में गैस सिलेंडर नहीं पहुंचने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।
लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह गैस एजेंसी की लापरवाही है या क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। गैस एजेंसी की ओर से उपभोक्ताओं को ददाहू बुलाया जाता है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए लोगों को 2000 रुपये खर्च कर निजी वाहन करना पड़ता है। इससे न केवल लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है, बल्कि एजेंसी में लंबी कतारों में दिनभर इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि यदि जल्द से जल्द क्षेत्र में सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई तो ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेंगे। लोगों ने कहा कि एक तरफ तो जिला प्रशासन जिले में गैस की किसी भी तरह की कोई किल्लत न होने की बात कहता है तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। गैस की कमी के कारण उनके बच्चे, जो जिला मुख्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में गैस सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जाने की बातें भी सामने आ रही हैं, जबकि उनके क्षेत्र में सप्लाई पूरी तरह बंद है।
गैस की सप्लाई न होने से बन रहे इन हालातों से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सैनधार इलाकों में जल्द से जल्द गैस की सप्लाई भेजकर राहत दी जाए, अन्यथा लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
