श्री रेणुकाजी : ददाहू में मंगलवार को रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें दर्जनों लोगों ने भाग लिया। बैठक समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर के नेतृत्व में हुई और इसमें विस्थापितों की लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान समिति ने साफ तौर पर फैसला लिया है कि डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की टेस्टिंग तब तक नहीं होने दी जाएगी, जब तक विस्थापितों की मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
बैठक में विशेष रूप से हाउसलेस परिवारों को मिलने वाली ग्रांट, उन छह परिवारों का मुद्दा जिनको एचपीपीसीएल हटाने की तैयारी में है और परियोजना क्षेत्र में की जा रही टेस्टिंग पर चर्चा हुई। समिति ने बताया कि एचपीपीसीएल के जीएम अनूप शर्मा के साथ बैठक कर उन्हें मांग पत्र भी सौंपा गया।
जीएम ने विस्थापितों को आश्वस्त किया कि जिन जमीनों को विस्थापितों ने नकारा है, उस मामले को हाई कमान के सामने दोबारा रखा जाएगा और एक महीने के भीतर सकारात्मक खबर आने की संभावना जताई। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि 10 दिनों के भीतर हाउसलेस से जुड़े पत्र सभी पात्र लोगों तक पहुंच जाएंगे।
समिति ने पटेल कंपनी द्वारा किए जा रहे टनल कार्य पर भी गंभीर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि डैम प्रशासन को अभी तक चरागाह क्षेत्र में आने वाले पेड़-पौधों को काटने की वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमति नहीं मिली है, इसके बावजूद कटान कर उन्हें मिट्टी में दबाया जा रहा है, जो कानून का उल्लंघन है।
इसके अलावा निर्माण कार्य से निकलने वाला मलबा सीधे नदी में डाले जाने पर भी कड़ा विरोध जताया गया, जबकि इसके लिए अलग डंपिंग साइट तय की गई है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में काम को बंद करवाने के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा। इस संबंध में रेणुका के डीएफओ से भी बात की गई, जिन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में प्रेस सचिव योगी ठाकुर, संयोजक विनोद ठाकुर, सह कोषाध्यक्ष कमल राज शर्मा, सलाहकार सतपाल तोमर, पूरन चंद शर्मा, राजेश शर्मा, हरिश्चंद्र, प्रकाश शर्मा, रामस्वरूप सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
