HomeHimachalनाहन शहर से मेडिकल कॉलेज नहीं, बस स्टैंड को हटाया जाए

नाहन शहर से मेडिकल कॉलेज नहीं, बस स्टैंड को हटाया जाए

विशाल तोमर ने कहा कि शहर में यातायात की समस्या का समाधान मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने से नहीं, बल्कि बस स्टैंड को शहर से बाहर ले जाने से होगा.

नाहन|
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कालेज नाहन को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की सियासत के बीच अब बस स्टैंड को हटाने की वकालत भी शुरू हो गई है.
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सड़क सुरक्षा क्लब नाहन के पूर्व अध्यक्ष विशाल तोमर ने कहा कि शहर में यातायात की समस्या का समाधान मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने से नहीं, बल्कि बस स्टैंड को शहर से बाहर ले जाने से होगा. उन्होंने कहा कि नाहन एक छोटा सा शहर है और यहां व्यापार की संभावनाएं सीमित हैं. मेडिकल कॉलेज ने स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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यह विचार करना आवश्यक है कि हमारे युवा नाहन को छोड़कर दूसरे शहरों में क्यों जाते हैं? क्योंकि नाहन में उनके भविष्य के लिए पर्याप्त अवसर नहीं हैं. मेडिकल कॉलेज युवाओं के लिए अवसर पैदा करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन सरकार इसे शहर से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.

उनका मानना है कि मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर ले जाने से नाहन के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. इसके विपरीत यदि बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाता है, तो यातायात की समस्या का समाधान हो जाएगा और शहर में आवागमन सुगम होगा. इससे टैक्सी चालकों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा.

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उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह मेडिकल कॉलेज को नाहन में ही रहने दें और बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार करें. यह नाहन के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है.

Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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