नाहन/चंडीगढ़ : ड्रॉप्स ऑफ होप सोसाइटी सिरमौर (Drops of Hope Society Sirmaur) की तत्परता से 5 वर्षीय एक मासूम को समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकीं। जानकारी मिली थी कि जिला सिरमौर की ददाहू तहसील के गांव गानू (महीपुर) का एक मासूम इन दिनों पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है, जिसे AB पॉजिटिव प्लेटलेट्स की अत्यंत आवश्यकता थी।
इसकी सूचना जैसे ही ड्रॉप्स ऑफ होप सोसाइटी सिरमौर के सदस्य और चंडीगढ़ पुलिस में बतौर आरक्षी तैनात नाहन निवासी रमन सोढ़ी को मिली, वह तुरंत मदद के लिए आगे आए।
बताया गया कि सिरमौर का ये मासूम विस्कॉट-एल्ड्रिच सिंड्रोम (Wiskott-Aldrich Syndrome) नामक बीमारी से पीड़ित है, जिसमें रक्त कोशिकाओं और विशेष रूप से प्लेटलेट्स से जुड़ी गंभीर समस्या होती है। उसका बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है, लेकिन उपचार के दौरान उसे प्लेटलेट्स की तत्काल आवश्यकता थी।
सबसे पहले इसकी जानकारी ड्रॉप्स ऑफ होप सोसाइटी सिरमौर को मिली। लिहाजा, सोसाइटी ने अपने सदस्य रमन सोढ़ी से संपर्क किया। उन्होंने बिना देर किए अपने साथी आरक्षी सतिंदर से रक्तदान को लेकर बात की।
इसके बाद सतिंदर ने समय गंवाए बगैर तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) पहुंचकर प्लेटलेट्स दान किए। इस रक्तदान के साथ उन्होंने अपने जीवन का 35वां रक्तदान भी पूरा किया। समय पर मिले प्लेटलेट्स से बच्चे के उपचार में बड़ी सहायता मिल पाई।
इस पुनीत कार्य के लिए ड्रॉप्स ऑफ होप सोसाइटी सिरमौर के संस्थापक एवं अध्यक्ष ईशान राव ने रमन सोढ़ी और सतिंदर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सोसाइटी के सदस्य केवल हिमाचल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। जब भी कहीं से रक्त या प्लेटलेट्स की आवश्यकता की सूचना मिलती है, सदस्य बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचकर मानव सेवा का परिचय देते हैं।
