नाहन : सिरमौर में मानसून की पहली ही बारिश आफत बनकर बरसी। सुबह चार बजे से शुरू हुई बारिश ने आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कहीं सड़कें तालाब बनीं, कहीं फैक्ट्रियों में पानी घुसा तो कहीं सड़क संपर्क और बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई इलाकों में लोगों को घंटों जाम व जलभराव से जूझना पड़ा।
सबसे अधिक खराब स्थिति जिला के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग पर देखने को मिली। सड़क किनारे नालियां बंद होने के कारण दो से तीन फीट तक पानी भर गया और पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो गई। रुचिरा फैक्ट्री के गेट नंबर-3 के समीप सड़क पर भारी जलभराव होने से कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। लंबा जाम लगने से उद्योगों में आने-जाने वाले कर्मचारियों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

कालाअंब के उद्योगपतियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। यही कारण है कि हर बरसात में उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों, स्थानीय लोगों और मां महामाया बाला सुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को जलभराव और जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
बारिश का असर औद्योगिक क्षेत्र के भीतर भी देखने को मिला। टोका साहिब गुरुद्वारा के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबायुक्त पानी उद्योगों में घुस गया। इंडो हर्बल एक्सट्रैक्शन सहित आसपास की फैक्ट्रियों में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ, जबकि फैक्ट्रियों तक जाने वाला रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

उद्योगपतियों का आरोप है कि इंडो हर्बल एक्सट्रैक्शन और लैवेंडर डेयरी के बीच वर्षों से मौजूद बरसाती नाले को एक व्यक्ति ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। उनका कहना है कि दशकों से पहाड़ों का बरसाती पानी इसी नाले से होकर आगे निकलता था, लेकिन करीब 30 फीट तक गड्ढा भरकर पानी की निकासी रोक दी गई।
इसके चलते पूरा पानी फैक्ट्रियों और आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। उद्योगपति गुरुवार को फिर प्रशासन के पास पहुंचे और नाले को तत्काल खुलवाकर पानी की निकासी बहाल करने की मांग की, ताकि उद्योगों के साथ-साथ किसानों की उपजाऊ भूमि को भी नुकसान से बचाया जा सके।
बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार शिलाई उपमंडल की 21, संगड़ाह की 8, नाहन की 4 और राजगढ़ की एक सड़क सहित कुल 34 सड़कें बंद रहीं। विभाग को प्रारंभिक तौर पर 87 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
वहीं विद्युत बोर्ड के पांवटा साहिब मंडल में 63 ट्रांसफार्मर (डीटीआर) क्षतिग्रस्त हो गए। इन्हें बदलने और मरम्मत करने का काम पूरे दिन जारी रहा। शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान ढांक से फिसलकर एक बैल की मौत हो गई, जिससे किसान को करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
बहरहाल, मानसून की पहली बारिश ने लोगों को डरा दिया। सुबह से लेकर शाम तक बारिश बिना रुके जारी रही, जिससे लोगों में दशहत का माहौल बना रहा। वहीं कई नाले भी बारिश से अचानक उफान पर आ गए।
