नाहन : चंडीगढ़ में ब्रिक्स (BRICS) देशों के प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद की समृद्ध हाटी संस्कृति ने अपनी अलग पहचान छोड़ी। अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में आसरा संस्था के कलाकारों ने दीपक नृत्य, परात नृत्य और हाटी समुदाय की पारंपरिक तावली नाटी की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में गत मंगलवार से चार दिवसीय ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय सम्मलेन का शुभारंभ हुआ, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या का आयोजन उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और संस्कृति विभाग चंडीगढ़ के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्रीय संगीत से हुई, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश की ओर से आसरा संस्था ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के प्रदर्शन के दौरान सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब और हरियाणा के लोक कलाकारों ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पंजाब की ओर से लुड्डी और भांगड़ा, जबकि हरियाणा के कलाकारों ने फाग और घूमर नृत्य प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों के प्रतिनिधि स्वास्थ्य सुरक्षा, टीबी अनुसंधान, चिकित्सा उत्पाद विनियमन, पारंपरिक चिकित्सा, महामारी प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली जैसे वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए भारत आए हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिरमौर की हाटी संस्कृति की प्रस्तुति पूरे हिमाचल के लिए गौरव की बात है।
डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में आसरा संस्था का सांस्कृतिक दल इससे पहले भी जी-20 शिखर सम्मेलन, इन्वेस्ट मीट, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोहों और कई राष्ट्रीय आयोजनों में हिमाचल की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर चुका है। संस्था हाटी समुदाय की लोक कलाओं के संरक्षण और उनके प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रही है।