राजगढ़ : स्वास्थ्य खंड राजगढ़ की सात पंचायतों को टीबी (TB) मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने संबंधित पंचायत प्रधानों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विकास खंड राजगढ़ की कुल 34 पंचायतों में से कुडू लवाणा, धनच मानवा, शाया-सनौरा, राणाघाट, छोगटाली, दीदग और दाहन पंचायतों ने टीबी उन्मूलन के निर्धारित मानकों को पूरा किया है।
इनमें लगातार तीन वर्षों तक निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाली दाहन पंचायत को गोल्ड मेडल, दो वर्षों तक मानकों को पूरा करने वाली शाया-सनौरा पंचायत को सिल्वर मेडल, जबकि शेष पांच पंचायतों को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किए गए।
एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने सभी सम्मानित पंचायत प्रधानों, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उपासना शर्मा तथा स्वास्थ्य विभाग के फील्ड स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पंचायतों और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही विकास खंड राजगढ़ की अन्य पंचायतें भी टीबी उन्मूलन के निर्धारित मानकों को पूरा करेंगी और पूरा स्वास्थ्य खंड तथा जिला टीबी मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उपासना शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे टीबी उन्मूलन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहयोग दें, ताकि राजगढ़ स्वास्थ्य खंड स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर सके।
कार्यक्रम में शशिकांत शर्मा ने टीबी मुक्त पंचायत घोषित होने के लिए आवश्यक मानकों एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राजेश शर्मा ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. ज्योत्सना, डॉ. विकास, डॉ. अस्तित्व सहित स्वास्थ्य विभाग का फील्ड स्टाफ मौजूद रहा।
