नाहन : ऐतिहासिक शहर नाहन में दो समुदायों के बीच हुए खूनी संघर्ष और पत्थरबाजी के बाद रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा के दौरान भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने शहरवासियों को भावुक कर दिया। साथ ही समाज को बड़ा संदेश भी दिया।
मोहल्ला गोबिंदगढ़ और गुरुद्वारा श्री दशमेश अस्थान में सिख समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। हाथों में फूल-मालाएं लेकर घंटों इंतजार करते महिला-पुरुषों, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए, मीठा शरबत और फल बांटे तथा एक-दूसरे को गले लगाकर प्रकटोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
बता दें कि दो दिन पहले वाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच हुई झड़प, खूनी संघर्ष और पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों सहित 14 लोग घायल हुए थे। इस घटना में वाल्मीकि समुदाय के धार्मिक स्मारक को भी नुकसान पहुंचा था।
इसके बाद शहर में तनाव का माहौल था और रविवार की शोभायात्रा को लेकर किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे हालात में सिख समुदाय की ओर से आगे बढ़कर किया गया स्वागत सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास की बड़ी मिसाल बन गया।
सिख समुदाय के जागरूक युवाओं और गणमान्य लोगों ने पिछली घटना पर खेद जताते हुए मतभेद भुलाकर भाईचारे को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। स्वागत के इस भावुक दृश्य ने शहर में शांति और सौहार्द की उम्मीद को फिर मजबूत कर दिया।
रविवार दोपहर बाद विधायक अजय सोलंकी महर्षि वाल्मीकि मंदिर पहुंचे और शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने रिबन काटकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। वह महर्षि वाल्मीकि मंदिर से मोहल्ला गोबिंदगढ़ होते हुए दिल्ली गेट तक शोभायात्रा में शामिल रहे और सबसे आगे चले।
शोभायात्रा में भगवान राम, माता सीता, लव-कुश, महर्षि वाल्मीकि और शिव की बारात की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। बैंड-बाजों की धुनों के साथ निकली इस शोभायात्रा में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रूपेंद्र ठाकुर, पार्षद नरेंद्र तोमर, कपिल गर्ग उर्फ मोंटी, राकेश गर्ग उर्फ पपली और सुमित ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिला सिरमौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय शक्ति सिंह और सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। शोभायात्रा बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न होने पर पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
साथ ही दोनों समुदायों के लोगों का धन्यवाद भी किया। खास बात ये रही कि गत शनिवार को रूट बदलने के बावजूद शोभायात्रा अपने पुराने रूट से ही होकर यानी मोहल्ला गोबिंदगढ़ होकर ही निकली। दरअसल, ये फैसला रविवार सुबह ही एसपी कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में विधायक अजय सोलंकी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान दोनों समुदायों के प्रबुद्ध मिलकर लिया।
गत शनिवार को जिला प्रशासन के साथ हुई बैठकों के दौर के बाद रविवार को फिर दोनों समुदायों की आपसी सहमति बनी और यात्रा अपने पुराने रूट पर निकली।
हालांकि, इससे पूर्व प्रशासन ने किसी अप्रिय घटना के बचने के लिए यात्रा का रूट बदला था, लेकिन रविवार को दोनों समुदायों के लोगों ने धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए पुराने रूट पर ही शोभायात्रा निकालने पर अपनी हामी भरी और ये शोभायात्रा पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ निकली, जो शहर के कई हिस्सों से होते हुए वापस महर्षि वाल्मीकि मंदिर में संपन्न हुई।
इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी राहत की सांस ली। आयोजन में वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष विजय चौरिया, नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा, सभा उपाध्यक्ष संजय सोढ़ी, राजकुमार, विशाल चौरिया, दीपक चनालिया, दीपक सोडा, सागर, अशोक, लवली, हरिश, कल्याण और यशपाल सहित सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

