हमीरपुर : दिवाली की खुशियों की तैयारी कर रहे समोह गांव में त्योहार से ठीक एक दिन पहले ऐसा दुखद हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
63 वर्षीय बलदेव सिंह की अचानक मौत के सदमे के बीच उनकी 85 वर्षीय मां कैरो देवी की भी कुछ घंटे बाद मौत हो गई। मां-बेटे की एक ही दिन हुई मौत से टिक्कर राजपूतां पंचायत के समोह गांव में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार गत शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे बलदेव सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन उन्हें उपचार के लिए बड़सर अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। बलदेव सिंह जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे।
बलदेव सिंह का शव जब घर पहुंचा तो उनकी मां कैरो देवी बेटे को देखकर बेसुध हो गईं। बेटे की तबीयत बिगड़ने के बाद से ही वह लगातार रो रही थीं। परिवार के सदस्य बलदेव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे।
जैसे ही उनका पार्थिव शरीर श्मशानघाट ले जाया गया, उसी दौरान कैरो देवी की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन तुरंत उन्हें बड़सर अस्पताल ले गए, जहां दोपहर करीब 12 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद कैरो देवी का भी गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। दिवाली से ठीक पहले एक ही परिवार में हुई दो मौतों से गांव में मातम पसरा है।
बलदेव सिंह के दो बेटे हैं। छोटा बेटा घर पर रहता है, जबकि बड़ा बेटा अनिल कुमार बहरीन में है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद वह घर लौट रहा है। बलदेव सिंह के बड़े भाई जगरूप सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं।
पंचायत की वार्ड मेंबर सुदेश ने बताया कि दिवाली से ठीक एक दिन पहले परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरा गांव शोक में है। गांव के लोग इस मुश्किल घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं।
बलदेव सिंह के बड़े बेटे अनिल कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।




