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धरती मां का सीना चीर छलनी कर दिए हिमाचल के पहाड़, हरियाणा में तस्करी

इस कारोबार से जुड़े खनन माफियाओं का नेटवर्क भी इस क्षेत्र के हरेक रास्ते पर इतना सक्रिय है कि किसी गाड़ी के आने की भनक भी पल-भर में मौके पर खुदाई कर रहे माफियाओं तक पहुंच जाती है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस इलाके में रह रहे लोगों के भीतर भी इन खनन माफियाओं का खौफ इतना ज्यादा है कि ये हमला करने से भी गुरेज नहीं करते. जिस तरीके से मौके पर धरती मां का सीना छलनी किया गया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये धंधा चंद दिनों से नहीं, बल्कि पिछले काफी समय से चला आ रहा है. लोगों का कहना है कि कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार को लेकर खनन माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है.

कालाअंब: हरियाणा की सीमा से सटे हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में अवैध खनन का धंधा जोरों से फल-फूल रहा है. यहां धरती मां का सीना छलनी कर हजारों टन मिनरल की हरियाणा में तस्करी हो रही है. बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ये अवैध कारोबार किसके इशारे पर चल रहा है. हैरानी इस बात की है कि अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए एक दर्जन के करीब विभाग अधिकृत हैं, लेकिन क्यों कोई इन खनन माफियाओं पर हाथ नहीं डाल रहा. इससे सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. मामला कालाअंब इलाके के नागल गांव से जुड़ा है. यहां पहाड़ों की जमकर कटाई हो रही है. जेसीबी से न केवल पहाड़, बल्कि समतल जमीन भी खोदकर काफी गहरी कर दी गई है. अवैध खनन को लेकर इस क्षेत्र में कई चोर रास्ते बनाए गए हैं, जहां से मिनरल चोरी-छिपे सीधे हरियाणा पहुंचाया जा रहा है. ये सारी जानकारी जैसे ही मीडिया टीम को मिली, तो संबंधित क्षेत्र का दौरा किया गया. कालाअंब-सुकेती मुख्य सड़क से पैदल सफर के बाद टीम जब इस क्षेत्र में पहुंची, तो दिनदहाड़े भी जेसीबी और ट्रक मौके पर पाए गए. भनक लगते ही खनन माफिया जेसीबी और ट्रक लेकर मौके से फरार हो गए.

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मौके पर पाया गया कि पहाड़ तो पहाड़, समतल जमीन और खेत भी बुरी तरह छलनी कर दिए गए हैं. हालांकि स्पष्ट नहीं, लेकिन पता करने पर बताया गया कि ये जमीन निजी है. अब ये जमीन लीज पर दी गई है या नहीं, लेकिन जिस तरह से यहां अवैध खनन का धंधा चल रहा है, उससे न केवल प्रकृति से खिलवाड़ किया जा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही. स्थानीय लोगों की मानें तो रात के समय यहां खनन माफिया इस कदर सक्रिय हो जाते हैं कि दर्जनों की तादाद में यहां से ट्रक मिनरल लेकर हरियाणा की ओर निकलते हैं.

हरियाणा में सख्ती के बाद हिमाचल का रुख
बता दें कि हरियाणा में नायब सिंह सैनी की सरकार बनते ही स्टोन क्रेशर और अवैध खनन पर पूरी तरह शिकंजा कसा गया है. हरियाणा में अचानक बंद हुए इस कारोबार के बाद माफिया ने हिमाचल बॉर्डर का रुख कर लिया. राजनीतिक रसूख और पैसे के दम पर माफिया सिंडिकेट ने जबरदस्त खेल खेला. इस बात की पुष्टि इसलिए भी हो जाती है कि जिस क्षेत्र में यह अवैध खनन हो रहा है, वहां से हिमाचल और हरियाणा के बीच में एंट्री बैरियर भी लगा हुआ है.

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क्रैशर में भी पहुंच रहा मैटेरियल
बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के कर्ता-धर्ता हिमाचल के साथ लगते हरियाणा के एक गांव के रहने वाले हैं, जिनका एक सहयोगी सुकेती का रहने वाला है. बताया ये भी जा रहा है कि यहां से माइनिंग मैटेरियल क्रैशर को भी पहुंचता है, जो हरियाणा में यमुनानगर रोड पर है. हिमाचल के जिस क्षेत्र से यह अवैध खनन किया जा रहा है, यहां से लाखों टन मिट्टी और पत्थर हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए भी पहुंचाया गया, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई है.

पुलिस की पैनी नजर, पूरी तरह बंद करेंगे ये करोबार
कालाअंब थाना के एसएचओ कुलवंत सिंह ने कहा कि उनकी टीम ने हाल ही में इसी क्षेत्र से अवैध खनन से भरे हुए ट्रक और पोकलैंड को सीज किया था. उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें अवैध खनन का इनपुट मिलता है, वह आधी रात को भी छापा मारने मौके पर पहुंचते हैं. यह माफिया बड़े ही संयोजित तरीके से काम करता है. उन्होंने कहा कि पुलिस इन माफियाओं के हथकंडों को हर तरह से क्रैक करने में जुटी है. क्षेत्र से अवैध खनन का कार्य पूरी तरह से बंद करवाया जाएगा.

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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