सिरमौर पुलिस के हत्थे चढ़ा ये ‘शातिर हाईटेक चोर’ बराड़ा से बरात का पीछा कर धौलाकुआं में उड़ाए गहने

आरोपी के पास से वॉकी-टॉकी सेट्स भी बरामद हुए हैं, जिसे एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल करते थे। वारदात के दौरान इनके द्वारा किसी भी प्रकार से मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया जाता था।

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नाहन : जिला सिरमौर की माजरा पुलिस ने बरात की गाड़ी से सोने के गहने चोरी करने के मामले में एक हाईटेक चोर को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि ये मुख्य आरोपी है। लिहाजा, आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य गिरफ्तारियां भी संभव है।

मामला इसी महीने 10 नवंबर को सामने आया था। पुलिस के अनुसार क्यारदा क्षेत्र से एक बरात हरियाणा स्थित बराड़ा गई थी। शाम करीब 6 बजे जब बरात वापस क्यारदा आ रही थी, जो धौलाकुआं में चाय पीने के लिए रुकी। इस बीच बरात की गाड़ी से सोने के गहने चोरी होने का यह मामला सामने आया। इस पर पुलिस थाना माजरा में चोरी की धाराओं में केस दर्ज किया गया।

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एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि इस मामले में जिला पुलिस साइबर सेल के मुख्य आरक्षी अमरेंद्र सिंह, माजरा थाना के मुख्य आरक्षी संगीत कुमार व आरक्षी गुरदीप सिंह की टीम गठित की गई, जिसने दिशानिर्देशों के अनुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके के सारे CCTV फुटेज व अन्य तकनीकी मापदंडों के विश्लेषण से यह पाया कि वारदात में जो संदिग्ध व्यक्ति शामिल थे, वह लोग बराड़ा से ही बरात का पीछा कर रहे थे और शादी समारोह में भी शामिल थे।

एसपी ने बताया कि इस पर पुलिस टीम ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से तकनीकी मापदंडों के विश्लेषण के बाद मुख्य आरोपी की पहचान नीतीश कुमार पुत्र उमेश कुमार निवासी गांव कडिया सांसी, डाकघर पिपलिया रसोदा, जिला राजगढ़, मध्य प्रदेश के रूप में हुई, जिसे वारदात में शामिल वाहन नंबर यूपी 80-एफएफ-3822 सहित पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। एसपी ने बताया कि उक्त आरोपी को पहले भी सिरमौर पुलिस 2015 में पंजाब के भटिंडा से गिरफ्तार कर चुकी है, जो वर्तमान में उद्घोषित अपराधी भी था।

उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से वॉकी-टॉकी सेट्स भी बरामद हुए हैं, जिसे एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल करते थे।

एसपी ने बताया वारदात के दौरान इनके द्वारा किसी भी प्रकार से मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया जाता था। बातचीत करने के लिए केवल वॉकी-टॉकी सेट्स का ही प्रयोग करते थे, ताकि स्थानीय मोबाइल टॉवर में इनकी उपस्थिति दर्ज न हो सके।

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उन्होंने बताया कि वारदात के दौरान वाहन पर भी नंबर प्लेट का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। इसके बावजूद सिरमौर पुलिस ने बड़ी ही कार्यकुशलता के साथ इस वारदात का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई।

इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी चोरी के मामलों में भी आरोपी की संलिप्तता होने की संभावना है, जिनकी जानकारी एकत्रित की जा रही है।