बिलासपुर : उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री सहारा योजना के सभी वर्तमान लाभार्थियों से अपील की कि वे आगामी सात दिनों के भीतर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लें। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता का लाभ भविष्य में भी बिना किसी बाधा के मिलता रहे, इसके लिए समयबद्ध ई-केवाईसी कराना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्णयानुसार मुख्यमंत्री सहारा योजना का प्रशासनिक नियंत्रण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से स्थानांतरित होकर अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण निदेशालय हिमाचल प्रदेश के अधीन कर दिया गया है।
विभाग द्वारा वर्तमान लाभार्थियों का रिकॉर्ड अद्यतन करने तथा सहायता राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अभियान प्रारंभ किया गया है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त लाभार्थियों की सूची के आधार पर संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी दूरभाष के माध्यम से लाभार्थियों से संपर्क कर रहे हैं।
ई-केवाईसी के लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक अथवा बैंक खाते की प्रति, सहारा योजना स्वीकृति के आधार पर जारी चिकित्सीय अभिलेख, स्वास्थ्य विभाग के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दीर्घकालिक उपचार अथवा बीमारी संबंधी प्रमाण-पत्र तथा आवश्यकता होने पर स्थायी अक्षमता अथवा असमर्थता संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
डीसी ने स्पष्ट किया कि जो लाभार्थी गंभीर रूप से बीमार हैं अथवा बिस्तर पर हैं, उन्हें स्वयं कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में उनके अभिभावक, परिवार के सदस्य अथवा निकट संबंधी आवश्यक दस्तावेज संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत अब नए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ई-कल्याण पोर्टल के जरिए स्वीकार किए जाएंगे। पात्र व्यक्ति किसी भी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र, बीपीएल प्रमाण-पत्र अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चार लाख रुपये वार्षिक से कम आय का प्रमाण-पत्र, चिकित्सा अभिलेख, स्वास्थ्य विभाग के सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी बीमारी संबंधी प्रमाण-पत्र, आवश्यकता अनुसार अक्षमता अथवा असमर्थता संबंधी प्रमाण-पत्र तथा बैंक खाते का विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के ऐसे गंभीर रोगियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो पार्किंसन रोग, कैंसर, लकवा, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र अथवा दीर्घकालिक गुर्दा विफलता सहित अन्य गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित हैं और जिनकी कार्य करने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो चुकी है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है।
जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने सभी पात्र लाभार्थियों एवं आमजन से आग्रह किया कि वे योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम तहसील कल्याण अधिकारी अथवा जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें तथा निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर मुख्यमंत्री सहारा योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करें।
