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बिलासपुर के 151 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में होंगे आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रत्येक विद्यालय में लगभग 90 मिनट का प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

बिलासपुर : जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिले के सभी सरकारी एवं निजी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्कूल डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड डेमोंस्ट्रेशन प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।

जिला बिलासपुर के कुल 151 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में यह कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें 116 सरकारी तथा 35 निजी विद्यालय शामिल हैं। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि जिले के शिक्षा खंड सदर, झंडूता, घुमारवीं, घुमारवीं, स्वारघाट तथा श्री नैना देवी जी के विभिन्न विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने तथा प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए जागरूक एवं प्रशिक्षित करना है।

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प्रत्येक विद्यालय में लगभग 90 मिनट का प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित टीमों द्वारा प्रतिमाह कम से कम 10 विद्यालयों में प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भूकंप जैसी आपदाओं के समय अपनाई जाने वाली ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त परिवार आपदा प्रबंधन योजना एवं परिवार आपातकालीन किट तैयार करने की जानकारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया उपकरणों का प्रदर्शन, बेसिक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CRP), प्राथमिक उपचार तकनीक तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान की जाएगी।

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आग बुझाने वाले उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन, सुरक्षित निकासी तथा आपातकालीन निकासी अभ्यास भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रमों की प्रगति की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

इसके लिए प्रत्येक माह कवर किए गए विद्यालयों की सूची, प्रगति रिपोर्ट तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध करवाए जाएंगे।

जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षण संस्थानों से इन कार्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।

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