शिमला : न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने हिमाचल हाईकोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. रविवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया को शपथ दिलाई.
शपथ लेने के बाद जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से उनका पुराना नाता है. हिमाचल में आना उनके लिए घर आने जैसा है. वे पहले भी हिमाचल प्रदेश आते रहे हैं. हिमाचल प्रदेश पहले पंजाब का ही हिस्सा रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब हरियाणा की तुलना में ये छोटा राज्य है और यहां क्राइम के मामले भी कम हैं. यहां ज्यादातर मामले सर्विस और सिविल से जुड़े हैं. वह कोशिश करेंगे कि सभी का सहयोग लेकर जल्द से जल्द मामलों का निपटारा करें. सभी को न्याय देने का प्रयास रहेगा. पेंडिंग मामलों को लेकर अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है. उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश का विस्तृत अनुभव और दृष्टिकोण हिमाचल प्रदेश को लाभान्वित करेगा और न्याय की भावना को और ऊंचाई प्रदान करेगा. मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि न्यायमूर्ति संधावालिया की न्यायिक सूझ-बूझ राज्य में न्याय के सिद्धांतों को कायम रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी.
न्यायमूर्ति गुरमीत संधावालिया बने हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
शपथ लेने के बाद जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से उनका पुराना नाता है. हिमाचल में आना उनके लिए घर आने जैसा है. वे पहले भी हिमाचल प्रदेश आते रहे हैं.