नाहन|
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में दशकों बाद भी लोगों को जनरल राजस्व रिकॉर्ड की सुविधा उपमंडल स्तर पर नहीं मिल पाई है. लिहाजा, उनकी दौड़ आज भी जिला मुख्यालय नाहन के लिए लग रही है.
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आलम ये है कि जिला सिरमौर के कई इलाके दुर्गम और अति दुर्गम श्रेणी में आते हैं. जिले के शिलाई उपमंडल के रोनहाट और राजगढ़ उपमंडल के रासु मांदर जैसे कई ऐसे इलाके हैं, जिनकी दूरी जिला मुख्यालय के लिए 150 से 180 किलोमीटर तक है. इन इलाकों से पूरा दिन नाहन पहुंचने के लिए लग जाता है.
ऐसे में ग्रामीणों को जनरल राजस्व रिकॉर्ड हासिल करने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यदि मुख्यालय पहुंचने के बाद रिकॉर्ड न मिले तो परेशानी और भी बढ़ जाती है. सूत्रों की मानें तो सिरमौर जिला में दशकों बाद भी ये पुरानी व्यवस्था चल रही है. जबकि, प्रदेश के अन्य जिलों में जनरल राजस्व रिकॉर्ड संबंधित एसडीएम कार्यालय में ही मिल जाता है.
जिला सिरमौर का एकमात्र जनरल रिकॉर्ड रूम नाहन में स्थापित है. पूरे जिला के लोगों को किसी भी राजस्व रिकॉर्ड संबंधी कोई पुराना रिकॉर्ड लेना है, तो उन्हें जिला के दुर्गम क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर लंबा सफर तय कर नाहन पहुंचना पड़ता है. इस जनरल रिकॉर्ड रूम में पूरे जिला के लोगों की राजस्व से संबंधित निशानदेही फाइल, तक्सीम फाइल, भूमि अधिग्रहण, अपील, डेट ऑफ बर्थ करेक्शन, गजट नोटिफिकेशन और ऑनलाइन सहित अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध होते हैं.
वहीं, इस रूम में रिकॉर्ड रखने के लिए जगह भी नहीं बची है, जिसके चलते कुछ पुराने रिकॉर्ड को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नष्ट भी कर दिया गया है. बता दें कि जिला सिरमौर में वर्तमान में 14 तहसीलें और उपतहसीलें, 7 एसडीएम कार्यालय और 14 सेटलमेंट कार्यालय शामिल हैं.
उधर, एडीएम सिरमौर एलआर वर्मा ने बताया कि पुराने एसडीएम कार्यालय में तो रिकॉर्ड रूम हैं, जो नए एसडीएम कार्यालय बने हैं, उनके बनते ही रिकॉर्ड शिफ्ट हो जाएगा. उसके बाद लोगों को एसडीएम कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में ही अपना रिकॉर्ड उपलब्ध होगा.