धौलाकुआं : कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सिरमौर (धौलाकुआं) की 45वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने की। बैठक में फसल उत्पादन, पौध संरक्षण, पोषण वाटिका, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र देहरादून के प्रभारी वैज्ञानिक प्रो. अशोक शर्मा, वैज्ञानिक डॉ. संजय राठी, उप-निदेशक (कृषि) डॉ. राजकुमार, परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. साहब सिंह, नाबार्ड के जिला प्रबंधक बिक्रमजीत सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी, समिति सदस्य और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि अनियमित वर्षा, सूखा, अत्यधिक तापमान और ओलावृष्टि जैसी जलवायु अनिश्चितताएं कृषि के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं, जिनसे निपटने के लिए उन्नत तकनीकों और अनुकूलन रणनीतियों पर काम करना होगा। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने ‘एक गांव, एक तकनीक’ की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त निदेशक (कृषि) ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी, जबकि केवीके के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक से पूर्व कुलपति और अन्य अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण कर उन्नत कृषि तकनीकों और बीज उत्पादन कार्यों की सराहना की और उन्हें अधिक किसान हितैषी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जिला सिरमौर की प्रसिद्ध सौंठ को ‘हाटी सौंठ’ नाम से भारत सरकार के पीपीवीएफआरए, नई दिल्ली द्वारा जारी अधिकृत रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र का वितरण रहा। यह प्रमाण पत्र हाटी किसान संघ को कुलपति के हाथों प्रदान किया गया, जिसे कुंदन सिंह शास्त्री और रामभज चौहान ने प्राप्त किया। उन्होंने गिरिपार क्षेत्र के अदरक उत्पादक किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार जताया।
कुलपति और अधिकारियों ने कोलर गांव के नवोन्मेषी किसान गिरधारी लाल द्वारा प्राकृतिक सिंदूर प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण कर उनके कार्य की सराहना की और अन्य किसानों से भी इस पहल को अपनाने की अपील की।



