नाहन : वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीआर मुसाफिर ने ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें गरीब, मजदूर, किसान, बागवान और कर्मचारियों सहित सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री को संतुलित बजट पेश करने पर उन्हें बधाई दी।
मुसाफिर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के साथ-साथ जीएसटी का वाजिब हिस्सा भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के बाद भी केंद्र से अपेक्षित सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक राज्य को एक भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने ओपीएस को जारी रखने का साहसिक निर्णय लिया, जो बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि बजट में गरीब महिलाओं को 1500 रुपये देने और निर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा से जरूरतमंद वर्ग को राहत मिलेगी। इसके अलावा दूध के दाम बढ़ाकर पशुपालकों को लाभ पहुंचाया गया है, वहीं हल्दी और अदरक पर समर्थन मूल्य देने का प्रावधान किसानों के लिए राहत भरा कदम है।
मुसाफिर ने कहा कि यशवंतनगर-सनौरा-छैला सड़क और सराहां-चंडीगढ़ सड़क का बजट में विशेष उल्लेख किया गया है, जिससे पच्छाद क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मछली पालकों, दुधारू पशुपालकों, छोटे कारीगरों और किसानों के लिए किए गए प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस बजट में व्यवस्था परिवर्तन की झलक साफ दिखाई देती है, जिसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।



